पठानकोटः अपनी मांगों को लेकर बैराज ओस्ती एक बार फिर संघर्ष की राह पर हैं। रणजीत सागर डैम और बैराज परियोजना के लिए अपनी जमीन देने वाले लोग पिछले करीब 33 सालों से रोजगार की मांग को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। इसी दौरान आज दो बुजुर्ग अपनी मांग प्रशासन तक पहुंचाने के लिए करीब 70 फीट ऊंचे टावर पर चढ़ गए। दरअसल, रणजीत सागर डैम और बैराज के निर्माण के समय इलाके के कई परिवारों की जमीन अधिग्रहित की गई थी।
उस समय की सरकारों द्वारा जमीन के बदले प्रभावित परिवारों में से एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने का भरोसा दिया गया था। लेकिन बैराज ओस्ती का कहना है कि 3 दशकों से अधिक समय बीत जाने के बावजूद उनकी मांग पूरी नहीं हुई है। अपने हक के लिए कई बार धरना और प्रदर्शन कर चुके बैराज ओस्ती अब एक बार फिर संघर्ष के लिए मजबूर हुए हैं।
दो बुजुर्गों द्वारा करीब 70 फीट ऊंचे टावर पर चढ़कर रोष जताने से मौके पर हलचल मच गई। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि उन्होंने डैम और बैराज परियोजना के लिए अपनी जमीन कुर्बान की, पर आज तक उन्हें अपने हक का रोजगार नहीं मिला। वे प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि उनकी समस्याओं का तुरंत समाधान किया जाए और सरकारी नौकरी के वादे को पूरा किया जाए। बैराज ओस्ती का आरोप है कि बार-बार प्रशासन के दरवाजे खटखटाने के बावजूद उनकी सुध नहीं ली जा रही है। अब देखना होगा कि 33 साल पुराने इस मामले पर प्रशासन की ओर से क्या कदम उठाया जाता है।