चंडीगढ़ः शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता व पूर्व मंत्री बिक्रम मजीठिया की फिर से मुश्किलें बढ़ती हुई दिखाई दे रही है। दरअसल, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के ओएसडी राजवीर सिंह घुम्मण ने बीते दिन ही बिक्रम सिंह मजीठिया पर पलटवार करते हुए उनसे अपने आरोपों के सबूत पेश करने या सबके सामने माफी मांगने की चुनौती दी थी। वहीं आज राजबीर सिंह घुम्मन ने बिक्रम मजीठिया को मानहानि नोटिस भेज दिया है। राजबीर सिंह घुम्मन ने बिक्रम मजीठिया के द्वारा लगाए आरोपों को बताया झूठा और मानहानिकारक बताया। राजबीर ने 24 घंटे में अंदर सभी संबंधित पोस्ट, वीडियो और सामग्री हटाने की मांग की है। वहीं बिक्रम मजीठिया से झूठे बयानों के लिए सार्वजनिक माफी की मांग की है।
इसी के साथ ही राजबीर ने आगे ऐसे आरोप नहीं लगाने की लिखित गारंटी की भी मांग की। राजबीर ने कहा कि बिक्रम मजीठिया अगर माफ़ी नहीं मांगते तो उन पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा, “चोर को सब चोर दिखते हैं। आरोप लगाना बहुत आसान है, लेकिन सबूत पेश करना मुश्किल है।” अकाली नेता को सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए संबोधित करते हुए राजवीर सिंह घुम्मण ने कहा, वह बिक्रम सिंह मजीठिया को खुली चुनौती देते है कि अगर उनके पास मेरी एक भी चैट या मेरे किसी से पैसे मांगने का कोई सबूत है, तो वे उसे सार्वजनिक करें।
उन्होंने कहा कि विपक्ष के लिए असली समस्या यह है कि आज आम परिवारों के बेटे ज़िम्मेदार पदों पर पहुंच गए हैं। वहीं जिन्होंने सालों तक पंजाब पर राज किया है, उनके राजनीतिक मौकों को अब चुनौती दी जा रही है। उन्होंने कहा, मजीठिया असल में इस बात से परेशान हैं कि कैसे आम परिवारों के युवा आगे आए हैं और कैसे उनके सरकार बनाने के मौके खत्म हो गए हैं। जब वे हमारे काम का मुकाबला नहीं कर सके, तो अब वे घटिया झूठ और चरित्र हनन का सहारा ले रहे हैं। राजवीर सिंह घुम्मण ने दावा किया कि भगवंत मान सरकार पंजाब के लिए ईमानदारी से काम कर रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने कहा, हम पंजाब के लिए ईमानदारी से काम कर रहे हैं और आगे भी करते रहेंगे। अगर उनमें हिम्मत है, तो उन्हें हमारे काम के बारे में बात करनी चाहिए, झूठे आरोपों के बारे में नहीं।

