नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से आर्थिक मोर्चे पर ईरान की कमर तोड़ने का ऐलान कर दिया गया है। इसके अलावा तेहरान का साथ देने वाले देशों को भी ट्रंप ने अल्टीमेटम दे दिया है। ट्रंप के द्वारा ऐलान करने पर ईरान ने कहा कि वो दबाव में नहीं आने वाले हैं।
न्यूज एजेंसी ने इन कदमों को वॉशिंगटन के नाकाम अधिकतम दबाव अभियान का ही एक हिस्सा बताया है। ट्रंप की बातों को बड़ी-बड़ी और बहुत ही बढ़ा-चढ़ाकर कही गई बातें बताते हुए तस्नीम ने कहा कि पहले लगाए गए प्रतिबंध ईरान का व्यवहार बदलने में नाकाम रहे हैं। देश ने विदेशी व्यापार और वित्तीय पाबंदियों से बचने के तरीके काफी पहले ही सीख लिए गए हैं।
सैन्य तबाही के बार-बार किए गए दावे
इसके अलावा एक न्यूज एजेंसी ने ट्रंप के दावों को भ्रमपूर्ण बताया है। उनका कहना है कि उन्हें बार-बार किए जाने वाले प्रोपेगैंडा का हिस्सा बता देना चाहिए। फार्स ने कहा है कि अमेरिका ने ईरान के जल्द पतन और सैन्य तबाही के दावे भी कई बार किए हैं परंतु इसका कोई भी ठोस नतीजा नहीं निकला है। एजेंसी ने यह भी कहा है कि ये दावे असलियत दिखाने के कारण मुख्य तौर पर मनौवैज्ञानिक युद्ध का हिस्सा है।
ट्रंप ने किया था दावा
वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति ट्रंप ने यह कहा था कि – ‘मैंने ईरान को समझौता का अच्छा मौका दिया है। उतना किसी ने नहीं दिया परंतु अफसोस की बात यहां पर ये है कि वो इस मौके का फायदा नहीं उठा पाए इसलिए आज मैं ईरान के खिलाफ अब तक की सबसे सख्त और बड़ी आर्थिक कार्रवाई का ऐलान कर रहा हूं। यह एक अभूतपूर्व स्तर की आर्थिक जंग है और उनके परिवार का बहिष्कार होगा। उनकी नौसेना खत्म हो गई है। वायुसेना तबाह हो गई है। सैन्य हथियार बनाने वाली फैक्ट्रिया मलबे में बदल गई हैं। इसके अलावा उनकी करेंसी बेकार हो गई है। उनका देश इस समय बहुत ही नाजुक स्थिति में है’।
उनका कहना है कि – ‘आज मैं यह भी ऐलान कर रहा हूं कि यदि कोई भी देश अपने बैंकों, कारोबारों, एयरपोर्टों या सरकारी संस्थाओं के जरिए ईरान को किसी भी तरह की मदद देगा तो उसको भी इसके भारी आर्थिक नतीजे भुगतने पड़ेंगे। तेल की तस्करी, पैसों का लेनदेन, फर्जी कंपनियां और जहाजों का अवैध पंजीकरण जैसी गतिविधिया तुरंत रुकनी चाहिए। जो भी ऐसा कर रहे हैं वो समझ जाएं’। यह आर्थिक तौर पर मोर्चे एक निर्णायक दिन होगा। इसमें से हम एक ईरान से पैदा हुए खतरे को अलग-थलग करने और उसको हराने के लिए सभी साथियों की जरुरत है। वो संयुक्त राज्य अमेरिका के साथ खड़े हुए हैं।
दुनिया भर में नहीं फैला पाएंगे आतंकवाद
उन्होंने कहा कि हमारे इस ऐतिहासिक कदम से वो पूरी तरहे स पंगे हो जाएंगे। इससे वो दुनिया भर में आतंकवाद नहीं फैला पाएंगे। ईरान के पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। इस मुद्दे पर ध्यान देने के लिए आप सभी का शुक्रिया।
यूएई पर दागी थी बैलिस्टिक मिसाइलें
अमेरिका के साथ लड़ते हुए ईरान ने कई पड़ोसी देशों पर हमला बोला है। यूएई पर ईरान ने बहुत हमला किया है। इसके बाद यूएई भी ईरान से बदला लेने वाला है। ईरान की ओर से अभी यूएई पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थी। इस जंग में ईरान ने अभी तक यूएई पर 530 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें, 26 क्रूज मिसाइलें और 2200 से ज्यादा खतरनाक ड्रोन दाग दिए थे। इसके जवाब में अब यूएई ने ईरान के सामने ब्लैक मार्केट का रास्ता बंद कर दिया है।

