चंडीगढ़: जे.सी.बोस विश्वविद्यालय वाईएमसीए फरीदाबाद के संचार एवं मीडिया प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा विद्यार्थियों के संचार कौशल और प्रस्तुतिकरण क्षमताओं को निखारने के लिए ‘बिहाइंड द स्लाइड्स’ विषय पर एक विशेष कार्यशाला का आयोजन किया गया। इस सत्र में छात्रों को प्रेजेंटेशन के मूल सिद्धांतों, सही संरचना और श्रोताओं से जुड़ने की कला के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई।
शिक्षाविद एवं महिला उधमी डॉ.गुंजन गुंबर ने कार्यशाला के दौरान बताया कि एक प्रभावी प्रेजेंटेशन का अर्थ केवल बोलना नहीं, बल्कि श्रोताओं के साथ संवाद स्थापित करना है। इसमें संदेश, प्रस्तुतकर्ता और श्रोताओं का सही तालमेल बेहद महत्वपूर्ण होता है। सत्र में प्रेजेंटेशन की तीन-स्तरीय संरचना-शुरुआत में ध्यान आकर्षित करना, मुख्य भाग में संदेश का निर्माण करना और अंत में ऐसा प्रभाव छोड़ना जो याद रहे- पर विशेष बल दिया गया।
छात्रों को अपनी बात की शुरुआत में श्रोताओं को जोड़ने के गुर सिखाए गए, जैसे प्रश्नों से शुरुआत करना, कहानियां सुनाना, तथ्यों और विजुअल्स का प्रयोग करना। इसके अलावा, रटने के बजाय दिल से बोलने, समय प्रबंधन, वॉयस मॉड्यूलेशन, बॉडी लैंग्वेज और आई-कॉन्टेक्ट के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। घबराहट को दूर करने के लिए गहरी सांस लेने और संयम से शुरुआत करने के सुझाव दिए गए।
मीडिया विभागाध्यक्ष प्रो.पवन सिंह ने अपने वक्तव्य में कहा कि आज के डिजिटल और प्रतिस्पर्धी दौर में अपनी बात को प्रभावी ढंग से रखना ही सबसे बड़ा कौशल है। एक अच्छी प्रेजेंटेशन केवल जानकारी साझा नहीं करती, बल्कि श्रोताओं के मन पर छाप छोड़ती है। हमारे छात्रों को तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ प्रेजेंटेशन और पब्लिक स्पीकिंग में भी निपुण होना होगा ताकि वे भविष्य में किसी भी मंच पर आत्मविश्वास से खड़े हो सकें। इस अवसर पर कोऑर्डिनेटर सहायक प्रोफेसर डॉ. सोनिया हुड्डा और डॉ.मौसम कुमार भी उपस्थित थे।

