फिरोजपुरः गुरुहरसहाय कस्बे के गुद्दार पंज ग्रेन गांव में रिश्तों को तार-तार कर देने वाला एक मामला सामने आया है, जहां ससुराल वालों ने अपनी बहू की पिटाई की और उसे जान से मारने की नीयत से हमला किया। ससुराल वालों ने उसे बचाने आए भाइयों की भी पिटाई की और उनकी गाड़ी में आग लगा दी।
जानकारी के अनुसार प्रवीण रानी की शादी चार साल पहले गुद्दार पंज ग्रेन गाव के रहने वाले लखविंदर सिंह से हुई थी। पति-पत्नी के बीच अक्सर घरेलू झगड़े होते रहते थे। पीड़िता प्रवीण रानी के अनुसार ससुराल वाले उसे पीटते थे और इससे पहले भी कई बार पंचायत ने बैठकर उनके बीच समझौता कराया था, लेकिन कुछ समय बाद उन्होंने फिर से उसे पीटना शुरू कर दिया। लगभग दो महीने पहले ससुराल वालों ने अपनी बहू की पिटाई की, उसे घर से निकाल दिया और उसका बच्चा अपने साथ रख लिया। जब पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की, तो पुलिस ने प्रवीण रानी को सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट के पास जाने को कहा। जब नीलम रानी ने एसडीएम को अपनी शिकायत दी, तो एसडीएम ने उसका बच्चा वापस दिलाने के आदेश दिए।
एसडीएम के आदेश के बाद पुलिस प्रवीण रानी को साथ लेकर उसके ससुराल गई और वहां से उसका बच्चा बरामद किया। जब प्रवीण रानी बच्चे को अपने साथ ले जाने की कोशिश कर रही थीं, तो उनके ससुराल वालों ने पुलिस पर दबाव बनाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद पुलिस बच्चे को साथ ले गई, लेकिन जब प्रवीण रानी कुछ देर वहीं रुकी, तो ससुराल वालों ने उनकी पिटाई कर दी। जब प्रवीण रानी के मायके वालों को इस बारे में पता चला, तो उनके भाई और परिवार के अन्य सदस्य उन्हें बचाने के लिए गांव पहुंचे।
ससुराल वालों ने उनके मायके वालों को घेर लिया और उनकी भी पिटाई कर दी। उन्होंने उनकी क्रेटा गाड़ी की भी बुरी तरह तोड़-फोड़ की और फिर उसमें आग लगा दी। किसी तरह वे सभी वहाँ से जान बचाकर भागने में कामयाब रहे। तस्वीरों में गाड़ी को आग की लपटों में जलते हुए देखा जा सकता है। घायल प्रवीण रानी को पहले गुरु हरसहाय के सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालत गंभीर होने के कारण उन्हें फरीदकोट रेफर कर दिया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते प्रवीण रानी के ससुराल वालों के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। साथ ही विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है।