जालंधर, ENS: सावन माह के पहले सोमवार को सुबह मंदिरों में भीड़ देखने को मिली। दरअसल, श्री देवी तालाब मंदिर सहित अन्य मंदिरों में सुबह से श्रद्धालु भारी संख्या में पूजा अर्चना करने पहुंचे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने बिल्व पत्र, भांग, धतूरा तथा फल के साथ भगवान शिव की आराधना की। भक्तों की भीड़ को देखते हुए कई मंदिरों में भक्तों की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए अतिरिक्त सेवादार तैनात किए गए।
इस क्रम में सिद्ध शक्तिपीठ श्री देवी तालाब मंदिर, श्री महालक्ष्मी मंदिर जेल रोड, प्राचीन शिव मंदिर गुड मंडी, शिव मंदिर सोढल रोड सहित शहर के मंदिरों में सुबह श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखने को मिली। मंदिर प्रमुख पुजारी ने बताया कि सावन महीने में आने वाले सोमवार को व्रत रखने से साल भर के सोमवार पर व्रत रखने के समान पुण्य फल की प्राप्ति होती है। धार्मिक दृष्टि से अति महत्वपूर्ण माना जाता सावन का माह प्रकृति के निखार का भी प्रमाण है। इससे पूर्व दो महीनों में भीषण गर्मी के प्रकोप के चलते बड़े प्रदूषण तथा धुंधली होती वातावरण की तस्वीर को सावन का महीना बारिश की फुहार के साथ साफ कर देता है।
मन को शीतल तथा तन को सूर्य की प्रचंड किरणों से राहत देते हुए सावन के महीने में धर्म तथा आध्यात्मिकता की तरफ लोगों का रुझान बढ़ता है। खासकर देवों के देव महादेव की पूजा-अर्चना कर मन्नतें मांगने वाले भक्तों में इस महीने को लेकर खासा उत्साह रहता है। भगवान शिव को अति प्रिय यह महीना त्योहारों की सौगात भी लेकर आता है, जिसमें हरियाली तीज, रक्षाबंधन व सावन महीने में आने वाले सोमवार शामिल है। उन्होंने कहा कि भगवान की शिव की कृपा पाने के लिए सावन महीने में रुद्राभिषेक करना चाहिए। सावन के महीने में जरूरतमंदों की मदद करके मोक्ष की प्राप्ति संभव है। सावन के माह में नेक कर्म करते हुए भगवान शिव की उपासना करनी चाहिए।
