“तानाशाह टीर्चर” उर्वशी तथा नीतू गुप्ता की गिरफ्तारी न हुई तो संस्कार नहीं होगा- परिजन
ज्योति चौंक में उमड़ा जन सैलाब, मृतक निहारिका के सहपाठियों ने सुनाई आपबीती
जालन्धर, ENS: पीएपी कैंपस में स्थित पुलिस डीएवी की 12वीं कक्षा की छात्रा द्वारा सुसाइड करने के मामले में आज परिजनों ने थाना 4 के बाहर धरना लगाकर पुलिस डीएवी स्कूल के खिलाफ खूब भड़ास निकाली। इस दौरान धरने में परिजनों का समर्थन करने के लिए मृतक छात्रा निहारिका वासी कोट बहादुर खां के सहपाठी भी पहुंचे।
सहपाठियों ने आरोप लगाया कि टीचर द्वारा सिर्फ निहारिका को ही नहीं बल्कि कई छात्रों को इसी तरह टार्चर किया जा रहा है और विरोध करने वालों को स्कूल के सस्पैंड कर पहले से ज्यादा तंग किया जाता है। जिसकी वजह से ज्यादातर छात्र स्कूल प्रशासन की इस तानाशाही के खिलाफ अपनी आवाज नहीं उठाते। मृतक छात्रा की माता निशा ने आरोप लगाया कि उसकी बेटी को पिछले दो महीने से लगातार स्कूल टीचर नीतू गुप्ता तथा उर्वशी द्वारा टार्चर किया जा रहा था जिससे लड़की दो महीनों से काफी डरी हुई रहती थी।
बीते दिन निहारिका ने अपने कमरे का दरवाजा बंद कर सुसाईड कर लिया। इसकी खबर जब स्कूल प्रशासन को मिली तो उन्होने राजीनामा करने का दबाव बनाया मगर परिजनों के ब्याने के आधार पर थाना 4 की पुलिस ने पुलिस डीएवी स्कूल टीचर नीतू गुप्ता तथा उर्वशी के खिलाफ आत्महत्या करने के लिए मजबूर करने का मामला दर्ज कर लिया है। थाना 4 के एसएचओ हरदेव सिंह ने कहा कि फिलहाल किसी को गिरफ्तार नहीं किया गया है।
बता दें कि कई प्राईवेट स्कूलों में छात्रों से फीस की उगाही करने के लिए एक स्पैशल स्टाफ रखा गया है जोकि एक टास्क फोर्स की तरह काम करता है। इस स्टाफ को बच्चों की पढ़ाई से कोई वास्ता नहीं यह स्टाफ सिर्फ बच्चों से फीस उगाही करने तक ही काम करता है लेट फीस देने वाले छात्रों की सूचि सबंधित टीचर को भेजी जाती है जिसके बाद वह टीचर अपने तरीके से बच्चों को कई तरह से टाचर करती है अक्सर छोटी उमर के बच्चे कई बार टाचर से इतना डर जाते हैं और निहारिका की तरह गल्त कदम उठाने से भी गुरेज नहीं करते इसके लिए स्कूल प्रशासन को फीस लेने के तरीकों में बदलाव करना अतिआवश्यक है।
उधर पुलिस डीएवी स्कूल की प्रिसींपल रश्मि विज से संपर्क करना चाहा लेकिन हो नही पाया । यदि school मैनेजमेंट अपना पक्ष रखना चाहती है , तो उसे भी प्रकाशित किया जायेगा।