“जाली एनओसी” की तर्ज पर बनाई जा रही थी कई कोठियां, पूर्व एटीपी तथा बिल्डिंग इंस्पैक्टर की बढ़ी मुश्किलें
जालंधर/अनिल वर्मा: बीते दिनों निगम कमिशनर गौतम जैन ने बिल्डिंग विभाग को लाले की दुकान बनाकर चलाने वाले अधिकारियों के तबादले कर बड़े नैक्सिस को ब्रेक करने का दावा किया था जिसका असर अब लगातार देखने को मिल रहा है। सबसे अधिक असर एटीपी सुखदेव वशिष्ट को अलाट किए गए सैक्टरों में देखने को मिल रहा है जहां बीते दो सालों से अनगिनत अवैध कालोनियां, बड़ी बड़ी अवैध इमारतें, होटल, अस्पताल तथा आलीशान स्कॉट विला बन रहे थे जिनसे नगर निगम को चुवन्नी तक नहीं मिल रही थी सारा पैसा किसकी जेब में जा रहा था इस मामले में कमिशनर गौतम जैन के पास कई गुप्त शिकायतें भी पहुंची हैं जिनकी जांच गंभीरता से की जा रही है।
वड़िंग जंजघर के नजदीक फर्जी एनओसी के आधार पर डवैल्प हो रही अवैध कालोनी पर चली डिच!
इस सैक्टर में तैनात हुए नए एवं ईमानदार छवि वाले एटीपी सुखदेव वशिष्ट ने जब इस मामले की जांच की तो सामने आया कि जो एनओसी दिखाई जा रही है वह सब फर्जी है तथा एनओसी हासिल करने के लिए कई फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया गया। इस नैक्सिस को कौन चला रहा था इसका खुलासा भी जल्द होने की संभावना है। खुलासा होने के बाद बीते रात कमिशनर गौतम जैन के आदेशों के बाद इस कालोनी में बनी अवैध कोठियों सहित सड़कों तथा सीवरेज को भी डिमोलिश कर दिया गया। फिलहाल इस मामले में कमिशनर गौतम जैन ने भी गंभीर नोटिस लिया है कि आखिर यह कालोनी कैसे डवैल्प हो रही थी जल्द ही इस मामले में भी इस सैक्टर में दो साल तक तैनात रह चुकी महिला सहायक आर्किटैक्ट कम एटीपी सुखप्रीत कौर तथा अजय कुमार बिल्डिंग इंस्पैक्टर को नोटिस जारी करने के आदेश जारी कर दिए गए हैं। आने वाले दिनों में बिल्डिंग विभाग के कई अन्य घोटालों से भी पर्दा हटने की संभावनाए साफ दिखाई दे रही है।
सैक्टर 6 के आधीन वड़िंग जंजघर के नजदीक 2 एकड़ एग्रीकल्चर जमीन में अवैध कालोनी काट कर वहां प्लाटिंग कर दी गई थी इस मामले में भी दोनो विवादित अधिकारियों की भूमिका काफी संदेह मानी जा रही है सामने आया है कि इस कालोनी में एक शातिर रिटायर्ड अधिकारी ने कालोनाईजर को कई प्लाटों की कथित फर्जी दस्तावेजों के आधार पर एनओसी जारी करवाने में मदद की थी जिसमें प्लाटों तथा उक्त कालोनी को 2018 से पहले का बताया गया था जबकि यह कालोनी मार्च 2024 में शुरु हुई।
इस मामले में शिकायतकर्ता ने बताया कि इस कालोनी की एग्रीकल्चर कैटागरी में रजिस्ट्री दर्ज करवाई गई मगर बाद में यहां प्लाटिंग कर कालोनी काट दी गई।

इसी तरह एटीपी सुखदेव वशिष्ट ने सैक्टर 5 आधीन लद्देवाली रोड पर बहुचर्चित ग्रीन काउंटी प्रौजेक्ट के अंदर बिना नक्शा पास करवाए बन रहे 8 आलीशान स्कॉट विला सबंधी जांच शुरु की जिसमें खुलासा हुआ कि यह सारा निर्माण बिना नक्शा पास करवाए ही किया जा था तथा संबधित प्रौजेक्ट का रिवाईज नक्शा 492/2013 को ग्रुप हाऊसिंग कैटागरी में मंजूर किया गया था जिसकी अवधि समाप्त हो चुकी थी।
यह भी जानकारी मिली है कि यह स्कॉट विला नक्शे अनुसार नो कंस्ट्रक्शन जोन में बनाए जा रहे थे। फिलहाल यह एक बहुत बड़ा स्कैंडल सामने आया है जिस मामले में इस सैक्टर में दो साल तक तैनात रह चुकी महिला सहायक आर्किटैक्ट कम एटीपी सुखप्रीत कौर तथा अजय कुमार बिल्डिंग इंस्पैक्टर को चार्जशीट करने की तैयारी की जा रही है जिस सबंधी दोनो को नोटिस भी जारी हो चुके हैं।
इल मामले में बिल्डिंग विभाग के एमटीपी विजय कुमार ने कहा कि दोनो मामलों की जांच की जा रही है और पूर्व एटीपी तथा इंस्पैक्टर से भी रिर्पोट मांगी गई है जांच पूरी होने के तुरंत बाद सारी रिपोर्ट कमिशनर साहब को भेज दी जाएगी उसके बाद अगली कानूनी कारवाई उनके आदेशों के बाद ही होगी।