आगरा: यूपी के उन्नाव में लखनऊ-आगरा एक्सप्रेस वे पर बुधवार सुबह हुए हादसे में 18 लोगों की मौत हो गई। जबकि 30 से अधिक यात्री घायल हो गए। हादसे के बाद घायलों को इलाज के सामुदायिक केंद्र में भर्ती कराया गया है। वहीं गंभीर घायलों को ट्राॅमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। उन्नाव के कलेक्टर गौरांग राठी ने बताया घायलों और मृतकों के परिजनों के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं। इस हादसे में तीन परिवार पूरी तरह उजड़ गए हैं। दो परिवारों के 4-4 लोग और एक परिवार से मां-बेटी की मौत हो गई।
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— Encounter News (@Encounter_India) July 10, 2024
जानकारी के अनुसार एक परिवार बिहार के शिवहर जिले का हिरोगा निवासी बाबू दास का है। वहीं दूसरा परिवार मुलहारी जिले के रहने वाले मो. शफीक का है। दोनों परिवारों के 4-4 सदस्य इस हादसे में हताहत हो गए हैं। वहीं दिल्ली की रहने वाली शबना और उनकी बेटी नगमा की भी इस हादसे में मौत हो गई है।
हादसा आगरा से करीब 247 किमी. पहले हुआ है। हादसे में स्लीपर बस का एक हिस्सा पूरी तरह खत्म हो गया। शिवहर जिले के हिरोगा निवासी बाबू दास का परिवार इस हादसे में पूरी उजड़ गया। जानकारी के अनुसार इस हादसे में बाबू दास, उनके बेटे भरत भूषण, राम प्रवेश की मौत हो गई। ये सभी लोग छुट्टियां मनाने के लिए बिहार गए हुए थे। ऐसे में छुट्टियां खत्म होने के बाद परिवार के सभी लोग दिल्ली लौट रहे थे।
वहीं बिहार के मुलहारी जिले की रहने वाला चांदनी का परिवार भी हादसे का शिकार हो गया। जानकारी के अनुसार चांदनी उनके पति शफीक, बेटा तौफीक और बहू मुन्नी सवार थी। हादसे में चारों की मौत हो गई। वहीं शबाना का परिवार दिल्ली के भजनपुरा में रहता था। हादसे में शबाना और उनकी बेटी नगमा की मौत हो गई। पीएम नरेंद्र मोदी ने उन्नाव हादसे में मारे गए प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से 2 लाख रुपये और घायलों को 50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।