झारखंड: रामगढ़ में फिल्मी अंदाज में एक महिला की हत्या कर दी गई। हत्या के बाद संदिग्धों ने घर में आग लगा दी, गहने लूटकर भाग गए। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति की जांच की। जांच के दौरान चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। पुलिस ने कहा कि महिला की हत्या उसकी सौतेली बहन ने डकैती की साजिश के तहत की थी। इस हत्या में पांच लोग शामिल थे।
दरअसल, 30 मई 2024 को रामगढ़ थाना क्षेत्र के विद्यानगर में पूर्व रेलवे कर्मचारी अशर्फी प्रसाद की 60 वर्षीय पत्नी सुशीला देवी की दिनदहाड़े चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। इसके अलावा घर में रखे नकदी और आभूषण भी लूट लिये गये। अपराधियों ने साक्ष्य छुपाने के लिए घर के कमरे में आग लगा दी।
अपराधी घर में लगा एक डीवीआर डिवाइस, एक निगरानी कैमरा भी ले गए। घटना के वक्त सुशीला देवी घर पर अकेली थी। मृतक के पति किसी काम से बाहर गए थे। इस हत्या और डकैती को एक महिला समेत पांच लोगो ने अंजाम दिया था।
सुशीला देवी अजनबियों के लिए दरवाजा नहीं खोलती थीं। हत्या के बाद, पुलिस ने घर की तलाशी ली तो देखा मेज पर एक प्लेट पर बिस्कुट रखे थे। जिससे पता चलता है कि वह रसोई में चाय बनाने गई थी। इसी दौरान आरोपियों ने पीछे से चाकू मारकर हत्या कर दी।
इस हत्याकांड से पूरे शहर में दहसत फैल गई। पुलिस ने घटना पर प्रतिक्रिया दी और 72 घंटे के भीतर हत्या के मुख्य साजिशकर्ता कुमारी स्नेहा, उनके पति आरिफ नैयर और अशरफ अली को गिरफ्तार कर लिया। संदिग्ध के अनुसार, पुलिस ने 6 जून 2024 को काशिफ मून अमीन नाम के चौथे संदिग्ध को भी गिरफ्तार कर लिया। पांचवां संदिग्ध, 27 वर्षीय अंकित कुमार, फरार था लेकिन 17 जून को गढ़वा जिला पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया।