हिसार : हरियाणा कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और विधायक किरण चौधरी और उनकी बेटी श्रुति चौधरी ने पार्टी छोड़ दी है। उन्होंने अपना त्यागपत्र कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे को सौंपते हुए एक बड़ी वजह बताई है। त्यागपत्र में प्रदेश कांग्रेस पर आरोप लगाते हुए दोनों ने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही थी। गौरतलब है कि कांग्रेस की किरण, सैलजा और रणदीप सुरजेवाला एसआरके ग्रुप के माने जाते हैं। जो हरियाणा कांग्रेस से अलग-थलग दिखता है। दोनों किरण और श्रुति चौधरी कल भारतीय जनता पार्टी में शामिल होंगी।

पूर्व मंत्री किरण चौधरी ने भूपेंद्र हुड्डा पर पहले भी कई आरोप लगाए हैं। उन्होंने पूर्व सीएम पर अनदेखी होने और राजनीति तौर पर खत्म करने व मारने का बड़ा आरोप लगाया था। हाल ही में लोकसभा चुनाव के दौरान भी किरण चौधरी ने बेटी श्रुति का टिकट कटने पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा पर षड्यंत्र रचने का आरोप लगाया था। किरण चौधरी ने कहा था कि मैं जिस जगह से पांच बार विधायक हूं, वहां बैठक की जाती है। लेकिन मुझे सूचना तक नहीं दी जाती। उन्होंने राव दान सिंह पर निशाना कसते हुए कहा था कि उन्हें कई फोन किए जाते हैं मगर वे नहीं उठाते। यहां एक तरह से हमारी बेइज्जती की जाती हैं। ये सोचे हैं हमें खत्म कर दें मार दे बिल्कुल।
वहीं इस्तीफे के बाद श्रुति चौधरी ने ट्वीट किया कि चौधरी बंसी लाल और चौधरी सुरेंद्र सिंह जी की विचारधारा पर चलकर क्षेत्र और राज्य का विकास करना हमेशा मेरी प्राथमिकता रहेगी। हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री बंसीलाल की बहू किरण चौधरी को वरिष्ठ कांग्रेस नेता भूपेंद्र सिंह हुड्डा का धुरंधर माना जाता है। हाल ही में संपन्न लोकसभा चुनावों में भिवानी-महेंद्रगढ़ निर्वाचन क्षेत्र से श्रुति चौधरी को टिकट न दिए जाने से वह नाराज थीं। कांग्रेस ने इस सीट से मौजूदा विधायक और हुड्डा के वफादार राव दान सिंह को टिकट दिया था, जो भाजपा के मौजूदा सांसद धर्मबीर सिंह से हार गए थे।
किरण चौधरी ने कहा कि श्रुति और मैं बुधवार को दिल्ली में भाजपा में शामिल होंगे। हुड्डा पर कटाक्ष करते हुए चौधरी ने कहा, “उन्होंने मुझे एक कोने में धकेल दिया है। अपमान की एक सीमा होती है। उन्होंने कहा कि श्रुति हरियाणा कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष पद से इस्तीफा देंगी। बता दें कि हाल ही में हुए लोकसभा चुनावों में कांग्रेस और भाजपा ने पांच-पांच सीटें जीती हैं।