अमृतसर : कांग्रेस के गुरजीत सिंह औजला ने जीत दर्ज की है। वह लगातार तीसरी बार सांसद बने हैं। जिसके बाद गुरजीत सिंह औजला के घर में खुशी का माहौल है और कांग्रेस कार्यकर्ता सादगीपूर्ण तरीके से जश्न मना रहे है।पत्रकारों से बात करते हुए गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि मैं हर उस मतदाता का शुक्रिया अदा करता हूं जिन्होंने उन पर भरोसा किया। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार ने घल्लूघारा दिवस के मौके पर ढोल बजाने पर रोक लगा दी है और इसके लिए इसे काफी सादगी से मनाया जा रहा है।
उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति लड्डू लेकर आता है तो उसकी खुशी के लिए उसका मुंह जरूर मीठा करेंगे। आगे बोलते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब में ड्रग्स का मुद्दा राज्य का मुद्दा है और इसके लिए केंद्र में आवाज बुलंद करता हूं, राज्य सरकार उनका सहयोग नहीं करती है। उन्होंने कहा कि अगर राज्य सरकार सहयोग करे तो नशे की समस्या का समाधान हो सकता है।
वहीं दूसरी ओर पंजाब की खडूर साहिब सीट पर खालिस्तानी समर्थक और निर्दलीय प्रत्याशी अमृतपाल जीत गए हैं। अमृतपाल ने 344973 वोट प्राप्त किए हैं। हालांकि अभी अधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। अमृतपाल ने यह चुनाव असम जेल में बंद रहते हुए जीता है। उनका नामांकन कराने के लिए असम की जेल से जेल सुपरिटेंडेंट यहां आए थे। खडूर साहिब सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला देखने को मिला। शुरुआत में ये मुकाबला आम आदमी पार्टी के लालजीत सिंह भुल्लर व कांग्रेस के कुलबीर सिंह जीरा के बीच लग रखा था, लेकिन इसी बीच अमृतपाल सिंह ने एंट्री की और सभी समीकरण बदल गए। वहीं, इन तीनों के अलावा भाजपा से यहां मनजीप सिंह मन्ना मियांविंड और अकाली दल की तरफ से विरसा सिंह वल्टोहा मैदान में हैं।
अमृतपाल सिंह की बात करें तो उस पर नेशनल सिक्योरिटी एक्ट लगा है। इसके अलावा उस पर विभिन्न 12 मामले हैं। NSA के चलते बीते एक साल से अधिक समय से वे असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद है। कोर्ट में अपील के बाद भी उसे बेल नहीं मिली। जिसके चलते उसने जेल से ही प्रचार किया और मां व पिता उसकी जगह लोगों के बीच गए।