अमृतसर : एक तरफ पंजाब सरकार गरीब लोगों के हक में बड़े-बड़े दावे कर रही है, मोहल्ला क्लीनिक खोले जा रहे है। कहा जा रहा है कि सरकारी अस्पतालों में मरीजों को मुफ्त दवाएं मिलेंगी। लेकिन हकीकत कुछ और ही थी देखने को मिला, जब टीबी के मरीज अस्पताल में रोते हुए दिखे और सरकार पर को कोसते हुए नजर आए। इस मौके पर जब मीडिया टीम टीबी अस्पताल पहुंची और मरीजों से बात की तो उन्होंने कहा कि हम टीबी के मरीज हैं और यहां दवा लेने आये है। लेकिन अस्पताल प्रशासन द्वारा बताया जा रहा है कि दवाई खत्म हो गई है, आप बाहर से दवाई ले लो।
मरीजों ने कहा कि हम गरीब लोग हैं, हम इतनी महंगी दवाएं बाहर से नहीं खरीद सकते। सरकार की तरफ से कहा जा रहा है कि आपको मुफ्त दवाईयां मिलेगी। लेकिन जब हम यहां पहुंचते हैं तो हमें कोई दवाई नहीं दी जाती है। जिसके कारण हमें काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हम सरकार से मांग करते हैं कि हमें अस्पताल से दवाई दी जाए। वहीं कई और मरीज अस्पताल प्रशासन को कोसते नजर आए, उन्होंने कहा कि अस्पताल प्रशासन की मिलीभगत से मरीजों को परेशान किया जा रहा है और बाहर से दवा लेने के लिए मजबूर किया जा रहा है। यहां तक कि अस्पताल प्रशासन बाहर के मेडिकल स्टोरों के नंबर भी दे रहा है कि आप इस स्टोर पर कॉल करके दवा ले सकते हैं।
वहीं जब मीडिया ने टीवी अस्पताल के मेडिकल ऑफिसर से बात की तो उन्होंने कहा कि दवाई की कमी के कारण मरीजों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। लेकिन हमने अब दवाई का ऑर्डर दे दिया है, दवाई आ जाएगी और मरीजों को परेशानी का सामना नही करना पड़ेगा। हमने बात की कि अस्पताल प्रशासन मरीजों को बाहर से दवा लेने को कहा जा रहा है वहीं जो विशेष मरीज हैं उन्हें अंदर से ही दवाई दी जा रही है. उन्होंने कहा कि किसी के साथ कोई भेदभाव नहीं किया जा रहा है। अगर कोई मरीज को परेशान करेगा या बाहर से दवा लेने के लिए मजबूर करेगा तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।