ऊना/सुशील पंडित: कुटलैहड़ के कांग्रेस नेता और निष्कासित विधायक देवेंद्र कुमार भुट्टो ने चुप्पी तोड़ते हुए सुक्खू सरकार को तानाशाह करार दिया है। भुट्टो ने राज्यसभा चुनाव के समय भाजपा का साथ देते हुए कांग्रेसी उम्मीदवार अभिषेक मनु सिंघवी को हराने में अहम भूमिका निभाई थी। भुट्टो ने अब सुक्खू सरकार पर हमला करते हुए कहा है कि पिछले 14 महीने से राज्य सरकार तानाशाही के साथ राज कर रही थी। कुटलैहड़ की जनता की अनदेखी हो रही थी। इसलिए हमने भाजपा का साथ देते हुए कांग्रेस के विरुद्ध वोट दिया।
भुट्टो और अन्य पांच कांग्रेस विधायकों ने वीरवार को एक जैसे बयान जारी करते हुए कहा कि उन्होंने हिमाचल के हितों को देखते हुए यह कदम उठाया है। उनका आरोप है कि कांग्रेस पार्टी ने राज्यसभा सीट के लिए किसी हिमाचली पर भरोसा न करते हुए बाहरी व्यक्ति को जनता के ऊपर थोपना चाहा। भुट्टो ने कहा कि क्या कांग्रेस पार्टी के पास एक भी योग्य हिमाचली नेता नहीं था। हिमाचल में कांग्रेस पार्टी चाहती तो किसी कर्मठ कार्यकर्ता को राज्यसभा में भेज सकती थी लेकिन उन्होंने बाहरी पर विश्वास दिखाया और हिमाचल के साथ छल किया। भुट्टो का कहना है कि विधानसभा अध्यक्ष ने उन्हें सदन में मौजूद होने के बाद भी गैरहाजिर घोषित किया और अब हमें सदन से निकाल दिया है। कांग्रेस पार्टी के इस एक तरफा निर्णय को वे अदालत में चुनौती देंगे।