तेलंगाना: इजरायल और हमास के बीच युद्ध 13वें दिन भी जारी है। हमास द्वारा सात अक्टूबर को अचानक से हमला किए जाने के बाद पूरी दुनिया में हड़कंप मच गया। अमेरिका समेत ज्यादातर पश्चिमी देशों ने इजरायल का समर्थन किया है और आतंकी हमले की निंदा की है। इजरायल भी हमास को खत्म करने के लिए बमबारी कर रहा है, जिसमें कई आतंकी ढेर भी हो चुके हैं। इजरायल और हमास के बीच जारी जंग में कई देशों से फिलिस्तीन को भी समर्थन मिला है। भारत ने भी फिलिस्तीन और इजरायल मुद्दे पर लंबे समय से चली आ रही सैद्धांतिक स्थिति को दोहराया है। इस बीच, वीरवार को तेलंगाना में भी फिलिस्तीन के लिए समर्थन देखने को मिला।
इजरायल-हमास युद्ध के बीच हैदराबाद के सैदाबाद इलाके में महिलाएं फिलिस्तीन के साथ एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए दरगाह मैदान में एकत्र हुईं। इसमें मुस्लिम महिलाएं भी शामिल थीं। एंट्री गेट के जमीन पर इजरायल और अमेरिका के झंडे रखे हुए थे, जिनको महिलाओं ने पैरों से रौंदते हुए विरोध जताया। न्यूज एजेंसी द्वारा जारी वीडियो में देखा जा सकता है कि कई मुस्लिम महिलाएं और बच्चे इजरायल और अमेरिका के झंडों के ऊपर से गुजरते हुए जा रहे हैं। हालांकि, कुछ झंडे के बगल से भी जाते दिखाई दिए।
इजरायल द्वारा गाजा पर लगातार किए जा रहे हमलों के बीच फिलिस्तीन को भी समर्थन मिल रहा है। कुछ दिनों पहले यूपी के लखनऊ, बरेली समेत कई जगहों पर फिलिस्तीन में अमन के लिए नमाज के बाद खास दुआ की गई थी। इस दौरान भी इजरायल और अमेरिका मुर्दाबाद के नारे लगे थे। मौलाना ने नमाजियों को संबोधित करते हुए कहा था कि अंतरराष्ट्रीय शक्तियों और मानवाधिकार संगठनों को यह देखना चाहिए कि आज फिलिस्तीनी क्यों लड़ रहे हैं? ये सभी मानवाधिकार संगठन संयुक्त राष्ट्र औपनिवेशिक शक्तियों के हाथों का खिलौना हैं।
वहीं, गाजा में एक अस्पताल पर हमले से वैश्विक स्तर पर रोष फैलने के बीच वीरवार को भारत ने अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का कड़ाई से पालन करने का आह्वान किया। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा कि भारत हताहत नागरिकों और मानवीय स्थिति को लेकर चिंतित है। इस सप्ताह अस्पताल पर हुए हमले के संबंध में सवालों पर बागची ने अपनी साप्ताहिक प्रेस वार्ता में कहा, ”हम अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का कड़ाई से पालन करने का आग्रह करते हैं।” फिलिस्तीन मुद्दे पर उन्होंने कहा कि भारत ने दो-राष्ट्र समाधान के लिए सीधी बातचीत के पक्ष में अपना रुख दोहराया है।