नई दिल्लीः भारत का रोवर प्रज्ञान चांद की सतह पर घूम रहा है और लगातार वहां से जानकारी दे रहा है। प्रज्ञान ने चांद के तापमान से लेकर कई खास चीजों की जानकारी इसरो के साथ शेयर की है। अब प्रज्ञान ने चांद की धरती पर भूकंप आने की बात भी शेयर की है, जिसके बाद वैज्ञानिक इसे लेकर रिसर्च करने में जुटे हैं। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अनुसार, चंद्रमा पर एक प्राकृतिक भूकंप का पता चला है, जिसकी घोषणा इसरो ने की। चंद्र भूकंपीय गतिविधि (आईएलएसए) पेलोड ने इसे वीडियो में कैद कर लिया है। इसरो के अनुसार, वर्तमान में सतह पर काम कर रहे चंद्रयान -3 लैंडर विक्रम ने कथित तौर पर चंद्रमा पर भूकंपीय गतिविधि की खोज की है। फिलहाल घटना की जांच चल रही है।

प्रज्ञान रोवर और अन्य पेलोड द्वारा भेजा गया डेटा
इसके बारे में प्रज्ञान रोवर और अन्य पेलोड द्वारा डेटा भेजा गया है। रोवर की गतिविधि को माइक्रो इलेक्ट्रो मैकेनिकल सिस्टम तकनीक का उपयोग करने वाले चंद्रमा के पहले उपकरण द्वारा कैप्चर किया गया है। इसरो के मुताबिक, एक प्राकृतिक दिखने वाली घटना को चंद्र भूकंपीय गतिविधि (आईएलएसए) पेलोड द्वारा कैद किया गया था। हालाँकि इसकी सटीक प्रकृति की अभी भी जांच की जा रही है, लेकिन विक्रम लैंडर द्वारा देखी गई घटना से पता चलता है कि चंद्रमा पर भूकंप आया होगा। इसके अतिरिक्त, इसरो के अनुसार, इसने 26 अगस्त, 2023 को एक प्राकृतिक घटना दर्ज की है। घटना की उत्पत्ति का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। “
चांद में किस वजह से आता है भूकंप?
दरअसल, चांद पर आए भूकंप को मूनक्वेक, मंगल पर आए भूकंप को मार्सक्वेक कहते हैं और शुक्र ग्रह पर आए भूकंप को वीनस क्वेक कहते हैं। अभी तक चांद पर भूकंप आने का कोई स्पेसिफिक कारण सामने नहीं आया है। एक कारण तो ये माना जाता है कि पृथ्वी की तरह चांद की सतह में कुछ प्लेट के डिसबैलेंस होने या फिर प्लेट के टकराने से भूकंप आ सकता है। इसके अलावा ये भी कहा जाता है कि चांद के किसी उल्का पिंड के टकराने की वजह से या फिर कुछ अन्य कारणों से भी भूकंप आ सकता है। इस बार चंद्रयान की ओर से इसकी पुष्टि की जाने की वजह इसे खास माना जा रहा है और प्रज्ञान ने इस तरह के कंपन को महसूस किया था। चंद्रयान-3 के प्रज्ञान रोवर ने चांद की सतह पर भूकंप के झटको की फोटो शेयर की है। चांद के भूकंप ज्यादा गहराई पर होते हैं और ये 600 किमी से 1000 किमी के बीच अधिक गहरा होता है। लूनर टाइड्स के साथ भूकंप का कनेक्शन बताता है कि ये टाइट्स भूकंप में अहम किरदार निभाते हैं। अगर सीधे शब्दों में कहें तो अंदरूनी भाग में जब गतिशील प्लेटें आपस में टकराती हैं तो तरंगों के रूप में भूकंप की उत्पत्ति होती है। इसके अलावा अगर चांद पर ज्वालामुखी का अस्तित्व होता है तो इसकी वजह से भी भूकंप आ सकता है।
इसरो ने साझा किया पोस्ट
भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो), जिसने सुरक्षित मार्ग की तलाश में विक्रम लैंडर के छवि कैमरे द्वारा लिया गया चंद्रमा का वीडियो साझा किया, इसरो ने दावा किया कि चंदामामा के आंगन में एक बच्चा अठखेलियां कर रहा है। सोशल मीडिया प्लेटफार्म एक्स जो कि पहले ट्विटर था, उस पर इसरो ने एक पोस्ट शेयर कर कहा है कि “ऐसा महसूस होता है मानो एक बच्चा चंदामामा के आँगन में अठखेलियाँ कर रहा है, जबकि माँ स्नेहपूर्वक देख रही है। है ना?”