कांग्रेसी बताएं कि संतोषगढ़ में पुलिस को बंधक बनाने वाले लोग कौन हैं, किस का संरक्षण प्राप्त है: हरपाल गिल
ऊना/ सुशील पंडित: भाजपा के मंडल अध्यक्ष हरपाल सिंह गिल ने पुलिस कर्मचारियों को बंधक बनाने के आरोपियों के नाम सार्वजनिक करने की मांग पुलिस के अधिकारियों के समक्ष उठाई है। रविवार यहां जारी एक बयान में हरपाल सिंह गिल ने कहा कि पुलिस के अधिकारियों को जनता को यह भी बताना चाहिए कि महिला पुलिस कर्मचारी सहित दो पुलिसकर्मियों को बंधक बनाने वाले लोगों के खिलाफ पुलिस ने किस तरह की कार्रवाई अमल में लाई है। भाजपा के मंडल अध्यक्ष ने कहा कि इससे ज्यादा शर्मनाक और क्या होगा की आम जनता जिनसे कानून व्यवस्था को बनाए रखने की उम्मीद करती है, वही माफिया के हाथों बंधक बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि अधिकारियों की कारगुजारी के चलते जिला पुलिस, प्रदेश ही नहीं बल्कि पूरे देश में शर्मसार होकर रह गई है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी जनता को यह भी बताने का कष्ट करें कि कर्मचारियों को बंधक बनाने वाले लोग कौन हैं और किस राजनीतिक व्यक्ति का हाथ उनके सिर पर है। उन्होंने कहा कि राजनीति का दखल होने का इससे बड़ा सबूत और क्या होगा कि इतनी बड़ी घटना होने के बावजूद पुलिस अधिकारी चुप्पी साध कर बैठे हुए हैं। किसी में हिम्मत ही नहीं है कि बंधक बनाने वालों के नाम सार्वजनिक किए जा सके या फिर उनके खिलाफ कोई कड़ी कार्रवाई अमल में लाई जा सके। उन्होंने कहा कि सरकार में बैठे माफियाओं के आका को खुश करने के लिए पुलिस अधिकारी अपने कर्मचारियों की बलि दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि 20 मिनट तक पुलिस कर्मचारियों को दुकान के अंदर बंधक बनाकर रखा गया ।इस पूरे घटनाक्रम के दौरान क्या कुछ घटा वह भी पुलिस को सार्वजनिक करना चाहिए।
भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि केवल पुलिस कर्मचारियों की ही बात नहीं है इस तरह के माफिया किसी भी आम नागरिक को किसी भी हद तक नुक्सान पहुंचा सकते हैं। उन्होंने कहा कि जो पुलिस अपनी ही सुरक्षा नहीं कर पाई वह आम नागरिकों की सुरक्षा को लेकर क्या कदम उठाएगी? भाजपा मंडल अध्यक्ष ने कहा कि सोशल मीडिया पर पुलिस कर्मचारियों को खनन के खिलाफ कार्रवाई करते दिखाया जा रहा है जिसमें कारों और दोपहिया वाहनों के चालान किए जा रहे हैं। नदी नालों की तरफ जाने वाले चौराहों पर पुलिस कर्मचारी खड़े किए गए हैं लेकिन नदी नालों में क्या चल रहा है यह जनता भी जानती है और पुलिस अधिकारी भी जानते हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस केवल मात्र वाहनों के चालान करने तक सीमित ना रहे बल्कि बंधक बनाने वाले माफियाओं के खिलाफ भी कुछ करके दिखाए।