शिमला: हिमाचल प्रदेश में हुई बारिश और भारी बर्फबारी ने पहाड़ों की तस्वीर पूरी तरह बदल दी। जहां एक ओर बर्फ की सफेद चादर ओढ़े पहाड़ों ने पर्यटन कारोबारियों और बागवानों के चेहरे पर मुस्कान ला दी है। दूसरी ओर इस मौसम ने आम जनजीवन के सामने गंभीर चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। प्रदेश के ऊंचाई वाले इलाकों में भारी हिमपात के कारण सड़कें बंद हो गई हैं, बिजली-पानी की आपूर्ति प्रभावित हुई है और कई क्षेत्रों का संपर्क पूरी तरह कट गया है।
राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से जारी ताजा आंकड़ों के अनुसार बीते 24 घंटों में प्रदेश में 2 नेशनल हाईवे और कुल 563 सड़कें बंद हो चुकी हैं। बर्फबारी से सबसे ज्यादा प्रभावित जिला लाहौल-स्पीति रहा है, जहां नेशनल हाईवे-3 और नेशनल हाईवे-505 पूरी तरह बाधित है। जिले में करीब 290 सड़कें यातायात के लिए बंद हो गई हैं, जिससे दुर्गम इलाकों का संपर्क टूट गया है।
बता दें कि भारी बर्फबारी-बारिश के चलते अपर शिमला समेत प्रदेश के कई इलाके कट गए हैं। विभिन्न स्थानों पर हजारों पर्यटक फंस गए हैं। कुफरी-फागू से 100 और आनी के रघुपुरगढ़ से 48 को किया रेस्क्यू किया गया है। प्रदेश में 10,384 ट्रांसफार्मर ठप होने से सैकड़ों गांवों में बिजली नहीं है। बारिश-बर्फबारी से फसलों को संजीवनी के साथ पर्यटन को भी पंख लगने की उम्मीद है। शुक्रवार को भी शिमला-मनाली में पर्यटकों ने बर्फबारी के बीच मस्ती की। उधर, मनाली और बंजार उपमंडल के सभी शैक्षणिक संस्थानों में अवकाश घोषित किया गया है।
मनाली विंटर कार्निवल के सभी कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं। शिमला, मंडी, कुल्लू, किन्नौर, लाहौल-स्पीति और चंबा जिले के कई क्षेत्रों में दिनभर बर्फबारी का दौर जारी रहा। शिमला, लाहौल-स्पीति में बर्फीला तूफान भी चला। तूफान के बीच भारी बर्फबारी के चलते शिमला में लोगों का पैदल चलना भी मुश्किल हो गया।
राजधानी की सड़कों पर भी सैकड़ों पर्यटक वाहन बर्फ में घंटों फंसे रहे। आनी-कुल्लू, शिमला-किन्नौर, मनाली-लेह, हाटकोटी-पांवटा साहिब व चंबा-भरमौर एनएच समेत सैकड़ों सड़कें बंद होने से परिवहन सेवाएं भी ठप हो गई है। सैकड़ों बसें जगह-जगह फंसी है। दूध, ब्रेड और अन्य जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति भी प्रभावित रही। बर्फबारी-बारिश से तापमान में गिरावट दर्ज की गई। शिमला, मनाली और डलहौजी में न्यूनतम तापमान शून्य के करीब पहुंच गया।