ऊना/सुशील पंडित : राजकीय उत्कृष्ट महाविद्यालय ऊना के राजनीति विज्ञान विभाग की तरफ से युवा संसद (यूथ पार्लियामेंट) का आयोजन शनिवार को किया गया। इस युवा संसद के सत्र में विद्यार्थियों ने विभिन्न ज्वलंत मुद्दों को उठाया और आपने विचारों को इस पटल पर रखा। इस कार्यक्रम की मुख्यातिथि महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ मीता शर्मा रहीं। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम न केवल हमारी युवा पीढ़ी को लोकतंत्र की मूलभूत अवधारणाओं से परिचित कराता है, बल्कि उनमें नेतृत्व, संवाद और निर्णय लेने की क्षमता को भी विकसित करता है।
हमारा देश विश्व का सबसे बड़ा लोकतंत्र है और इसकी सफलता हमारे युवाओं की सक्रिय भागीदारी पर निर्भर करती है।
लोकतंत्र केवल एक शासन प्रणाली नहीं, बल्कि एक विचारधारा है, जिसमें नागरिकों की आवाज़ सबसे महत्वपूर्ण होती है। युवा संसद इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है, जहां आप सभी को संसद की कार्यप्रणाली को समझने और उसमें भाग लेने का अवसर मिलता है। कार्यक्रम के संयोजक राजनीति विभाग के विभागाध्यक्ष विकास सैनी ने बताया कि इस युवा संसद कार्यक्रम को करवाने का उद्देश्य यह है कि विद्यार्थी पार्लियामेंट की कार्य प्रणाली को समझते हैं। नए करंट मुद्दों को उठाते हैं। लोगों की समस्या को कैसे सरकार तक पहुंचाना है और उसका समाधान करवाना है।
आज के छात्र कल के लीडर बनेंगे। इसके माध्यम से छात्रों को राजनीति समझने का मौका मिलता है। युवा संसद में यही विद्यार्थी नेताओं के रोल को निभाते है। युवा सांसदों ने देश की संसदीय कार्यवाही और व्यवस्था को अच्छे से समझने का प्रयास करते हुए उसका एक बेहतरीन उदाहरण सबके सामने प्रस्तुत किया। इस कार्यक्रम में प्रतिभागी विद्यार्थियों ने अलग-अलग भूमिकाओं के माध्यम से देश के लोकतांत्रिक ढाँचे का सुंदर चित्रण पेश किया। इस कार्यक्रम को आयोजित करने में महाविद्यालय की स्काउट गाइड टीम ने भी अपना योगदान दिया। इस मौक़े पर बड़ी संख्या में विद्यार्थी और शिक्षक उपस्थित रहे।
