जबलपुरः महज 500 रुपए के लिए 3 सगे भाईयों और उसके साथी ने एक युवक की हत्या कर दी। विवाद के पीछे का कारण काम के बदले 500 रुपए कम देना था। इसके लिए आरोपी तीनों भाइयों ने इस कदर रंजिश रखी कि बदला लेने के लिए लंबा इंतजार किया और जब मौका मिला तो हमला कर युवक को गंभीर रूप से घायल कर दिया। घटना कटंगी के बस स्टैंड के पास की है। 16 फरवरी को सरेराह अंकित नेमा (30) पर लाठी-तलवार से हमला हुआ था। इसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। 9 दिन तक चले इलाज के बाद 25 फरवरी की रात को उसने दम तोड़ दिया।
जानकारी मुताबिक, अक्टूबर 2024 में आरोपी भूरा पटेल, साहब पटेल और बाबा पटेल ने अंकित के घर पर पुताई का काम किया था। काम खत्म होने के बाद हिसाब को लेकर अंकित का भूरा से विवाद हो गया। अंकित और उसके परिवार वाले आरोपियों को 500 रुपए कम दे रहे थे। भूरा ने अपने भाई, साहब पटेल के साथ एक हफ्ते तक अंकित के घर के चक्कर काटे, फिर भी पैसे नहीं मिले। इस बीच बस स्टैंड पर आरोपियों और अंकित के बीच इसे लेकर बहस भी हुई। इसके बाद भी अंकित ने साफ मना कर दिया कि काम के हिसाब से जो पैसे देने थे, दे दिए गए। अब एक रुपया नहीं मिलेगा।
भूरा और साहब को उसकी ये बात इतनी नागवार गुजरी कि वो सीधे अपने घर आए और बाबा पटेल से कहा कि अंकित से इसका बदला लेना होगा।
बाबा पटेल ने भूरा और साहब को विवाद करने से रोका और थाने चलने को कहा। दिसंबर 2024 में तीन भाइयों ने कटंगी थाने में अंकित के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई। शिकायत में बताया कि उसने अपने घर में पेंट करवा लिया, पर पैसे नहीं दे रहा है।
पुलिस ने अंकित को थाने बुलाया और रुपए देने को कहा। इस पर अंकित ने थोड़ा समय मांगा। लेकिन, कई दिन बाद भी अंकित ने पैसे नहीं दिए तो तीनों भाइयों ने अपने रिश्तेदार संदीप पटेल के साथ मिलकर अंकित पर हमले का प्लान बना लिया। 16 फरवरी की शाम को रोज की तरह अंकित नेमा ठेला लेकर दुकान लगाने जा रहा था। जैसे ही वह कटंगी बस स्टैंड के पास पहुंचा, तभी भूरा, बाबा, साहब और संदीप उसके पास आए। उनमें बहस होने लगी। कुछ ही देर बाद तीनों भाइयों और संदीप ने मिलकर लाठी-रॉड से हमला कर दिया। हमले में अंकित को गंभीर चोटें आईं थी।
वारदात को अंजाम देने के बाद चारों आरोपी बाइक में बैठकर मौके से फरार हो गए। स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना अंकित के परिवार वालों को दी। अंकित को परिजन इलाज के लिए कटंगी स्वास्थ्य केंद्र ले गए। जहां से हालत गंभीर होने पर उसे निजी अस्पताल में भर्ती किया गया। 23 फरवरी को मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। 25 फरवरी को अंकित की मौत हो गई।
अंकित नेमा कटंगी बस स्टैंड पर चाय-नाश्ते की दुकान चलाता था। पुलिस ने हत्या के मामले में 25 फरवरी को ही चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। बुधवार को सभी का जुलूस निकालकर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने आरोपियों को जेल भेज दिया है।
