अगला टारगेट ट्रेन खींचने का, विभाग से बना रहा सहमति
लुधियानाः देश में कई लोग अपनी उत्कृष्ठ प्रतियोगिता और बल से कई रिकार्ड बना चुके हैं। इसी कड़ी में वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने की लुधियाना के शरणदीप सिंह कोशिश कर रहे हैं। शहर के शरणदीप सिंह अब फायर टैंकर खींचने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने से थोड़ी सा चूक गए। शहर के लोकल बस स्टैंड के पास शरणदीप को 55 टन का फायर टैंकर खींचना था। इसके लिए उन्हें 3 चांस दिए गए। पहले और दूसरे प्रयास में शरणदीप फेल होने के बाद उन्होंने तीसरा अटेंप्ट किया, जिसमें शरणदीप 32 टन का टैंकर ही खींच सका। इसे उन्होंने करीब 10 फीट तक खींचा। इससे पहले शरणदीप जूनियर लेवल पर 18 साल की उम्र में 47 टन का फायर टैंकर खींचकर वर्ल्ड रिकार्ड बना चुके हैं। उन्होंने बताया कि वर्ल्ड रिकॉर्ड 50 टन वजन खींचने का है। 2022 में 110 बच्चों से भरी 52 सीटर बस भी खींच चुके हैं।
शरणदीप सिंह ने 32 टन का फायर टैंकर खींचने के बाद कहा कि उन्होंने इसे करीब 10 फीट तक खींचा है। मुझे इसका वजन 55 टन बताया गया था, लेकिन इवेंट में आकर पता चला कि ये सिर्फ 32 टन का है। अगर इसका वजन 55 टन होता तो ये वर्ल्ड रिकार्ड में दर्ज हो जाता। उन्होंने कहा कि अगला टारगेट ट्रेन खींचने का है। इसके लिए लगातार रेल मंत्रालय से संपर्क भी कर रहा हूं। जूनियर वर्ल्ड रिकॉर्ड अपने नाम करने के बाद सीनियर वर्ग में भी अधिक वजन खींचने का वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाना चाहते थे।
जानकारी मुताबिक, शरणदीप सिंह (25) ने बताया कि उन्होंने 18 साल की उम्र में खालसा कॉलेज में हुए एक इवेंट में 47 टन का फायर टैंकर खींचकर वर्ल्ड रिकार्ड बनाया था। जूनियर वर्ग में यह आज भी मीट रिकार्ड है। इसके बाद 2022 में लुधियाना के सुंदर नगर में 52 टन का फायर टैंकर खींचा था, लेकिन टेक्निकल मिस्टेक के कारण यह रिकार्ड में दर्ज हो सका।
शरणदीप सिंह ने बताया कि मंगलवार को बस स्टैंड के पास 55 टन का टैंकर खींचना का इवेंट होगा। इसके लिए वो काफी दिनों से प्रेक्टिस कर रहे हैं। अब इसे खींचकर सीनियर वर्ग में भी रिकार्ड बनाने का प्रयास करेंगे। 2022 में उन्होंने ईशर सिंह नगर में 52 सीटर बस खींची थी। इसमें 110 बच्चे बैठे थे। इसके बाद 2022 में ही शिफाली इंटरनेशनल स्कूल में बसों को एक दूसरे के साथ बांधकर खींचा।
एथलीट शरणदीप सिंह पावर लिफ्टिंग के खिलाड़ी हैं। वो पावर लिफ्टिंग में 3 बार नेशनल लेवल पर गोल्ड मेडल जीत चुके हैं। इसके साथ ही आर्म रेसलिंग में भी नेशनल लेवल पर कई मेडल जीत चुके हैं। शरणदीप अपने पिता के साथ लुधियाना के राहों रोड पर करियाना की दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया कि बचपन से ही उन्हें आर्म रेसलिंग का शौक था, उसे बाद में उन्होंने पैशन के रूप में बदल दिया। फिर उन्होंने पावर लिफ्टिंग को खेल के तौर पर चुना। 14 साल की उम्र से ही कंधों के बल रस्सी से वाहनों को खींच रहे हैं।
