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ऑनलाइन गेम की लत में युवक गवां बैठा लाखों रुपए, अब कर्ज चुकाने के लिए किडनी बेचने को मजबूर

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नई दिल्ली: ​इन दिनों युवाओं में ऑनलाइन गेम का क्रेज देखने को मिल रहा है। कम समय में अधिक पैसे कमाने के लालच में युवा अपना पूर दिन ऑनलाइन गेम खेलने में लगा देते हैं। कई बार ऐसा भी देखा गया कि कोई इस गेम के जरिए लाखों करोड़ो रुपए जीत जाता है। लेकिन आज हम एक ऐसे शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं, जो ऑनलाइन गेम में अपना सब कुछ गवां बैठा। हद तो तब हो गई जब युवक ने ट्वीट कर कंपनी से कहा कि अब किडनी बेचकर पैसे चुकाने होंगे। मिली जानकारी के अनुसार नैनीताल के हल्द्वानी निवासी हरीश बीते कई वर्षों से दिल्ली ओखला के प्रहलादपुर में रहता है। वह दिल्ली में एक ई कॉमर्स कंपनी में काम करता था। लेकिन हरिश को ऑनलाइन गेम की ऐसी लत लगी कि वह अब तक 50 लाख रुपए से ज्यादा हार चुका है। हरिश की हरकत को देखते हुए उसकी पत्नी भी उसे छोड़कर चली गई। वहीं, 50 लाख से अधिक की रकम गंवा चुका हरिश गुरुवार को आत्महत्या करने के लिए गेम कंपनी के नोएडा में सेक्टर तीन स्थित कार्यालय पर पहुंच गया। युवक ने ट्वीट में लिखा कि सरकार ऑनलाइन फ्रॉड गेम को बंद नहीं करेगी तो उसे फांसी लगानी पड़ेगी या किडनी बेचकर कर्जा चुकाना पड़ेगा। अपने सोशल मीडिया एकाउंट से कंपनी पर ही आत्महत्या करने का ऐलान कर दिया।

जानकारी के अनुसार हरिश को करीब तीन वर्ष पहले उसे ऑनलाइन रमी खेलने का ऐसा शौक लगा कि हर समय रमी खेलकर पैसा कमाना चाहता था। हरीश बताता है कि इस खेल में वह पांच अलग अलग खिलाड़ियों के साथ खेलता था। खेल का नियम यह है कि दांव पर लगे पैसों में 90 प्रतिशत जीतने वाले और 10 प्रतिशत कंपनी को मिलेंगे, हालांकि इस खेल में वह कोई बाजी नहीं जीत सका। पहले वह थोड़ी बहुत रकम लगाकर खेलता था, लेकिन जब हर बार हारने लगा तो उसने हारी हुए रुपए को एक झटके में कमाने का फैसला लिया। सैलरी से पूर्ति न होने पर उसने चार अलग अलग बैंकों से 22 लाख का लोन ले लिया और पूरा पैसा हार गया। करीब 30 लाख रुपये वह पहले ही हार चुका था। कुल 52 लाख रुपये इसमें हार चुका हैं। अब हालात यह हो गए है कि कर्ज के दबे तले हरीश की नौकरी भी चली गई हैं, बैंक की करीब डेढ़ साल से किस्त जमा न होने पर रिकवरी के नोटिस आ रहे हैं। वह अपना पैसा वापस लेने के लिए सेक्टर-3 की कंपनी के बाहर दिनभर बैठकर गुहार लगाता हैं।

हरीश की करीब पांच वर्ष शादी हुई थी। उसकी दो बेटियां हैं। पत्नी हमेशा हरीश को इस खेल से बाहर आने की सलाह देती थी, लेकिन उसके मन में एक झटके में पैसा कमाने का लालच इस कदर बढ़ गया कि वह सब भूल गया। हरकतों से बाज न आने पर करीब डेढ़ वर्ष पूर्व उसे पत्नी व बच्चों ने भी छोड़ दिया। हरीश के पिता नहीं हैं, अन्य परिवार के सदस्य उत्तराखंड में ही रहते हैं। अब वह सड़क पर भटकता फिर रहा है। हरीश ने कर्जा उतारने के लिए ट्विटर पर एबी पॉजिटिव ब्लड ग्रुप बताकर किडनी बेचने का ट्वीट किया। युवक ने लिखा कि सरकार ऑनलाइन फ्रॉड गेम को बंद नहीं करेगी तो उसे फांसी लगानी पड़ेगी या किडनी बेचकर कर्जा चुकाना पड़ेगा। एक ट्वीट में युवक लिखता है कि मैं आत्महत्या करने जा रहा हूं, इसका जिम्मेदार रमी गेम है। इस गेम की वजह से में सड़क पर आ गया हूं, मेरे पास दूसरा कोई विकल्प नहीं है।

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