जालंधरः मंड इलाके में अब विकास की बयार बहनी शुरू हो गई है। जिसे सालों से नजरअंदाज किया जाता रहा था, उस धुस्सी बांध पर मिट्टी भरने का काम अब युद्धस्तर पर चल रहा है, जिससे इलाके के लोगों में एक नई उम्मीद जगी है।
गांव के सरपंचों, पंचों और निवासियों ने एक सुर में कहा, “हमारी जून अब सुधर गई है।” उन्होंने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज सज्जन सिंह चीमा का धन्यवाद किया और कहा कि यह पहली बार है जब किसी सरकार ने ‘मंड’ (Mand) क्षेत्र के लोगों के असली हितों में रुचि ली है।
लोगों ने पिछली सरकारों पर तीखा तंज कसते हुए कहा कि सालों तक सिर्फ वादे किए गए, लेकिन जमीनी स्तर पर कुछ भी नहीं किया गया। जब 2019 में तटबंध टूटा था, तो हालात इतने बुरे थे कि सरकार पेड़ काटकर उन्हें तटबंध में फेंक रही थी, लेकिन किसी ने भी कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला। सरपंच हरविंदर सिंह ने कहा कि 1988 के बाद पहली बार किसी सरकार ने बड़े पैमाने पर तटबंधों को चौड़ा करने का काम शुरू किया है, जो इस क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम है।
इसी बीच, हलका इंचार्ज सज्जन सिंह चीमा मौके पर पहुंचे और काम का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि बाढ़ के दौरान मुख्यमंत्री भगवंत मान के दौरे के समय यह मुद्दा उनके संज्ञान में लाया गया था, जिस पर तत्काल कार्रवाई की गई है और अब धुस्सी बांध को चौड़ा किया जा रहा है। गांव दारेवाल से खिजरपुर तक की सड़क को चौड़ा करके 22 फीट और कई जगहों पर 27 फीट किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि पहले इस सड़क से वाहनों का गुजरना मुश्किल होता था, लेकिन अब यातायात सुचारू रूप से चलेगा और लोगों को बड़ी राहत मिलेगी। इस परियोजना से लगभग 35 से 40 गांवों को सीधे तौर पर फायदा होगा।
मंड के निवासियों ने कहा कि यह काम न केवल सड़क सुविधाओं में सुधार करेगा, बल्कि बाढ़ की रोकथाम के लिए भी एक मजबूत कदम साबित होगा। लोगों ने दावा किया कि अगर यह काम पहले ही कर लिया गया होता, तो कई परेशानियों से बचा जा सकता था।
