नई दिल्लीः इजरायल-ईरान के बीच चल रही जंग का असर अब भारत देश में दिखने लगा है। ईरान में जारी संघर्ष की वजह से दुनिया के कई देशों में पेट्रोल और डीजल की कीमतें आसमान छूने लगी है। वहीं ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने प्रीमियम पेट्रोल और इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी करके इसकी शुरुआत कर दी है। प्रीमियम पेट्रोल ₹2.09 प्रति लीटर महंगा हुआ तो इंडस्ट्रियल डीजल की कीमतों में 22.03 रुपये की बढ़ोतरी की गई।
इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन ने बढ़ी हुई कीमतों के बारे में जानकारी देते हुए कहा, इंडस्ट्रियल डीजल के दाम अब 87.67 रुपये से बढ़कर 109.59 रुपये प्रति लीटर हो गए हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर ट्रांसपोर्ट और इलेक्ट्रिसिटी प्रोडक्शन की कॉस्ट पर होगा। इंडस्ट्रियल डीजल ऑयल कंपनी नॉर्मल पंप पर नहीं सेल करती हैं। वो इसे फैक्ट्री या कारखानों में सप्लाई करती हैं। अब जब डीजल के दाम बढ़ें हैं तो इसका सीधा असर कंपनियों की लागत पर पड़ेगा। प्रॉफिट मार्जिन में कमी आने वाले समय में देखी जा सकती है।
इंडस्ट्रियल डीजल आम पेट्रोल पंपों से नहीं बेचा जाता, बल्कि इसे मुख्य रूप से सीधे फैक्ट्रियों, कंस्ट्रक्शन साइटों, माइनिंग ऑपरेशन्स, बड़े जनरेटरों और पावर प्लांटों को सप्लाई किया जाता है। नतीजतन, कीमतों में बढ़ोतरी से मैन्युफैक्चरिंग और इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ी गतिविधियों की इनपुट लागत बढ़ने की उम्मीद है, साथ ही लॉजिस्टिक्स और ट्रांसपोर्टेशन का खर्च भी बढ़ सकता है।
बता दें कि इंडस्ट्रियल डीजल यह हाई स्पीड डीजल होता है। इंडस्ट्रियल डीजल एक बड़ी मात्रा में मिलने वाला, अक्सर कम रिफाइन किया हुआ डीजल ईंधन है, जो सड़क पर चलने वाले वाहनों के बजाय भारी मशीनों, जनरेटरों, खनन उपकरणों और औद्योगिक बॉयलरों के लिए बनाया गया है। इसे अक्सर खुदरा पंपों को छोड़कर, थोक में बेचा जाता है, और अक्सर इसे लाल रंग से रंगा जाता है ताकि यह पता चल सके कि यह इंडस्ट्रियल डीजल है।
