Warren के सामने कई लोग कंगाल हुए, लेकिन वह जस के तस बने रहे
नई दिल्लीः दुनिया के सबसे बड़े निवेशक वॉरेन बफेट ने 31 दिसंबर को बर्कशायर हैथवे के CEO पद से इस्तीफा दे दिया। 95 साल के बफेट जिस कंपनी के दम पर दुनिया के 9वें सबसे अमीर इंसान बने। उसे खरीदना ही वह अपनी जिंदगी की सबसे बड़ी गलती मानते हैं। पिछले 60 सालों से वह बर्कशायर हैथवे के CEO का पद संभाल रहे थे। अब ग्रेग एबेल, बर्कशायर हैथवे के सीईओ की जिम्मेदारी निभाएंगे।
95 साल की उम्र में रिटायर होने वाले वॉरेन ने अपने करियर में बहुत कुछ देखा। 60 साल तक सीईओ रहते हुए उनके सामने कई कंपनियां डूब गईं, कई लोग कंगाल हो गए। लेकिन वॉरेन जस के तस बने रहे और दिनों-दिन अमीर होते चले गए। दिलचस्प बात यह है कि बफेट ने यह कंपनी किसी बिजनेस डील के लिए नहीं, बल्कि गुस्से में आकर खरीदी थी। वहीं एक बार रिटायरमेंट पर बफेट ने कहा था कि इस बारे में सोचना भी नामुमकिन है। मेरे लिए यह मौत से भी बदतर होगा। वे आज भी हफ्ते में पांच दिन ओमाहा स्थित हेडक्वार्टर जाते हैं।
बफेट ने बातचीत के दौरान मजाकिया लहजे में कहा कि मैं घर बैठकर सोप ओपेरा (टीवी सीरियल) नहीं देखने वाला। मेरी दिलचस्पी अब भी वही है जो पहले थी। मैं चेयरमैन के तौर पर आसपास ही रहूंगा और ग्रेग के लिए उपयोगी साबित हो सकता हूं।
1965 में जब वॉरेन बफेट ने बर्कशायर हैथवे का कंट्रोल हाथ में लिया था, तब यह एक संघर्ष कर रही टेक्सटाइल कंपनी थी। बफेट ने इसे दुनिया के सबसे बड़ी कंपनियों में से एक में बदल दिया। आज बर्कशायर हैथवे 1.09 ट्रिलियन डॉलर यानी, करीब 98 लाख करोड़ रुपए की वैल्यू वाली कंपनी है।
