पठानकोट: बेटियां किसी से कम नहीं है यह बात तमन्ना सलारिया ने साबित कर दी है। भारत-पाक की सीमा से सटे हुए हल्का भोआ के गांव कटारुचक की रहने वाली तमन्ना ने सेना में जाकर अपने माता-पिता, गांव और पंजाब का नाम रोशन किया है। तमन्ना ओटीए गया से पास आउट होकर सेना में लेफ्टिनेंट बनकर अपने गांव पहुंची। इस दौरान गांव वासियों ने उनका फूलों के हारों और ढोल धमाकों के साथ स्वागत किया।
इसके साथ ही शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद की ओर से तमन्ना को सम्मानित भी किया गया। इस बारे में बात करते हुए लेफ्टिनेंट तमन्ना सलारिया ने कहा कि आज वो लेफ्टिनेंट बन गई है। उन्हें बहुत अच्छा लग रहा है। इसमें उनके माता-पिता ने पूरा साथ दिया और इस मुकाम तक पहुंचने के लिए बहुत मेहनत भी की।
तमन्ना ने कहा कि बाकी बच्चों और उनके माता-पिता से भी यही अपील करती हूं कि बेटियां अब बेटों से कम नहीं है। उन्होंने दूसरे बच्चों से भी अपील की है कि यदि जिंदगी में किसी तरह का मुकाम हासिल करना है तो अपने माता-पिता को जरुर देखें।
तमन्ना के पिता ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपनी बेटी को बेटे से कम नहीं समझा। उनकी बेटी ने सेना में जाकर लेफ्टिनेंट बनकर उनका नाम रोशन किया है। इसके साथ ही शहीद सैनिक परिवार सुरक्षा परिषद के महासचिव रविंदर विक्की ने कहा कि तमन्ना ने सिर्फ अपने गांव ही नहीं बल्कि पंजाब का भी नाम रोशन किया है। पूरे इलाके को उस पर गर्व है।