बीकानेरः राजस्थान में बीकानेर समेत कुछ इलाकों में पेट्रोल-डीजल की कमी की अफवाह फैलने के बाद लोग बड़ी मात्रा में ईंधन जमा करने लगे हैं। पेट्रोल पंपों पर अचानक भारी भीड़ उमड़ गई, जिससे पूरे शहर में हड़कंप मच गया। लोगों में अफवाह फैल गई कि पेट्रोल-डीजल खत्म हो गया है और हड़ताल शुरू हो गई है। इसके चलते पंपों पर लंबी कतारें लग गईं, अफरा-तफरी मच गई और लोग जल्दबाजी में अपनी गाड़ियों की टंकियां फुल कराने लगे। दरअसल, देर शाम कुछ पेट्रोल पंप अस्थायी रूप से बंद हो गए थे, जिससे अफवाहों को हवा मिली।
सोशल मीडिया और आपसी बातचीत के जरिए यह खबर फैलते ही लोग बिना पुष्टि किए पंपों की ओर दौड़ पड़े। कई जगह हालात ऐसे बन गए जैसे ईंधन की भारी किल्लत हो गई हो। बीकानेर पेट्रोल डीलर एसोसिएशन के सचिव अनिल शर्मा ने स्पष्ट किया कि शहर में पेट्रोल-डीजल की कोई कमी नहीं है और न ही किसी तरह की हड़ताल चल रही है। उन्होंने बताया कि कुछ पंप एडवांस भुगतान न होने के कारण अस्थायी रूप से बंद हुए थे, जिससे उनका स्टॉक खत्म हो गया था।
वहीं अलवर में भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) ने अपने पेट्रोल पंप डीलर्स से कहा है कि वे बल्क यानी थोक में पेट्रोल-डीजल किसी को न दें और लूज यानी कैन या ड्रम में भी किसी को न दिया जाए। जिले के करीब 84 पेट्रोल पंप पर यह आदेश लागू हो गए है। बीपीसीएल पेट्रोलियम डीलर्स एसोसिएशन के पूर्व जिलाध्यक्ष रिजवान खान का कहना है कि कंपनी की ओर से बल्क में पेट्रोल-डीजल न देने के आदेश हैं। साथ ही लूज में भी पेट्रोल-डीजल नहीं दिया जा रहा है। यह एक तरह से स्टॉक करने का तरीका है। अलवर जिले सहित प्रदेशभर में एलपीजी गैस सिलेंडर की किल्लत बरकरार है। अलवर में रसोई गैस सिलेंडर के लिए एजेंसियों पर सोमवार को भी लाइनें लगी रहीं। 34 हजार ग्राहकों ने गैस सिलेंडर की बुकिंग की है और स्टॉक में करीब 17 हजार सिलेंडर है। रसद विभाग का कहना है कि गैस सिलेंडरों की कमी नहीं है।
