जालंधरः भार्गव कैंप में हुए वरुण हत्याकांड के मामले में फरार चल रहे 2 आरोपियों की गिरफ्तारी न होने को लेकर पीड़ित परिवार ने रविवार दोपहर को श्री गुरू रविदास चौक में धरना प्रदर्शन किया। परिवार पुलिस की ढीली कारगुजारी पर सवाल उठा रहा है।
मृतक के परिवार ने कहा कि उनके बेटे वरुण के सीने में बदमाशों ने चाकू मारकर हत्या कर दी थी। हत्या के बाद पुलिस ने अभी 2 ही आरोपियों को गिरफ्तार कर खुद ही अपनी पीठ थपथपा ली थी, लेकिन 2 आरोपी सोनू पंडित और शिवा पुलिस की पहुंच से बाहर चल रहे हैं। उन्होंने पुलिस की कारगुजारी पर सवाल उठाते हुए कहा कि वरुण की हत्या के आरोपी सरेआम घूम रहे है, जिससे उन्हें खतरा है लेकिन पुलिस आरोपियों को पकड़ने में असफल है।
परिवार के सदस्य दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी को लेकर पुलिस के उच्च अधिकारियों और केबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत को मिल चुके है। पुलिस ने उन्हें हर बार आश्वासन देकर भेज दिया। पुलिस रिमांड दौरान आरोपियों से पता चला था कि हत्या से पहले सभी ने नशे किया था और नशा करने के बाद उन्होंने वरुण, लोकेश और विशाल पर हमला कर दिया था। हमले के दौरान वरुण के सीने में चाकू से वार होने के कारण उसकी मौत हो गई थी। वहीं लोकेश के 100 टांके और विशाल के 35 टांके लगे थे। पुलिस को यह पता चल गया कि नशे में वरुण की हत्या हुई लेकिन नशा तस्करों का पता नहीं चला।
परिवार की मांग है कि नशा मुहैया करवाने वालों को भी पुलिस केस में नामजद करें। धरना लगाने से पहले परिवार के सदस्यों ने पुलिस को दो दिन का समय दिया था कि फरार आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए, लेकिन आरोपी पुलिस की पहुंच से बाहर है, जिसके चलते उन्हें धरना प्रदर्शन करना पड़ा। वहीं धरना प्रदर्शन के दौरान पार्षद तरसेम लखौतरा, भार्गव कैंप थाने की पुलिस और उच्च अधिकारी मौके पर पहुंच गए है।
