नई दिल्ली: अमेरिका राज्य फ्लोरिडा के नेता चैंडलर लैंगविन ने यूएस में रहने वाले भारतीयों पर एक विवादित बयान दे दिया है। इस बयान के बाद चैंडलर की कड़ी आलोचना हो रही है। भारतीयों को डिपोर्ट करने को लेकर विवादित टिप्पणियों के चलते सिटी काऊंसिल ने उन्हें शनिवार को फटकार लगाई है। रिपोर्ट के अनुसार, सिटी काऊंसिल के फैसले के अनुसार, लैंगविन को किसी भी मुद्दे को एजेंडे में शामिल करने से पहले आम सहमति बनानी पड़ेगी। इसके अलावा इस निंदा प्रस्ताव के अंतर्गत नेता को आयुक्तों के बारे में टिप्पणी करने से भी रोक दिया जाएगा और उन्हें समितियों से भी हटा दिया जाएगा।
भारतीयों को लेकर बोले लैंगविन
सोशल मीडिया पर कई पोस्ट में फ्लोरिडा के सांसदों ने संयुक्त राज्य अमेरिका से भारतीयों को निकालने का आह्वान किया था। एक पोस्ट में उन्होंने लिखा था कि एक भी भारतीय ऐसा नहीं है जो संयुक्त राज्य अमेरिका की परवाह करता हो। वे हमारा आर्थिक शोषण करने और भारत व भारतीयों को समृद्ध बनाने के लिए यहां है। अमेरिका अमेरिकियों के लिए है।
बयान से पलटे लैंगवीन
लैंगवीन के बयान की जब कड़ी आलोचना हुई तो उन्होंने अपना बयान पलट दिया। उन्होंने कहा कि उनकी यह टिप्पणी अस्थायी वीजा धारकों के लिए थी भारतीय अमेरिकी समुदाय के बारे में नहीं।
फायदा उठाने का लगाया आरोप
एक अन्य पोस्ट में लैंगविन ने भारतीयों पर अमेरिका का फायदा उठाने का भी आरोप लगाया है। भारत में जन्मे हरजिंदर सिंह पर फ्लोरिडा टर्नपाइक पर अवैध यू-टर्न लेने के बाद तीन लोगों की हत्या का आरोप लगाया गया था। 2 अक्टूबर को शेयर किए पोस्ट में लैंगवीन ने अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से जन्मदिन की शुभकामना के तौर पर सभी भारतीयों का वीजा रद्द करने की अपील की थी। लैंगवीन ने एक्स पर लिखा था कि – ‘आज मेरा जन्मदिन है और मैं बस यही चाहता हूं कि डोनाल्ड ट्रंप सभी भारतीयों के वीजा रद्द कर दे और उन्हें तुरंत निर्वासित कर दें’। अमेरिका नेता ने पत्रकारों से बातचीत में कहा था कि भारतीय सिर्फ अमेरिकियों की जेबें खाली करने के लिए हैं।