तेहरान: ईरान के लगातार हमलों से सऊदी अरब भड़का हुआ है। रियाद ने ईरान को हमले रोकने की चेतावनी दी है। इसने ईरान की लीडरशिप को संदेश दिया है कि अगर उसके इलाके पर हमले होते हैं या इंफ्रास्ट्र्क्चर को निशाना बनाया जाता है तो वह पलटवार करेगा। वहीं ईरान के खातम अल-अनबिया सेंट्रल हेडक्वार्टर ने क्षेत्र के मुस्लिम देशों से अपील की है कि वे अमेरिका और इजराइल को ईरान के ईंधन और ऊर्जा ठिकानों पर हमले करने से रोकें। ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर ऐसे हमले जारी रहे तो वह भी इसी तरह की कार्रवाई करेगा।
खातम अल-अनबिया के प्रवक्ता इब्राहिम ज़ोल्फागरी ने यह बयान उस समय दिया जब शनिवार रात अमेरिका और इजरायल हमलों में तेहरान और पड़ोसी अलबोर्ज प्रांत में कई ईंधन भंडारण केंद्रों पर हमला किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ ने ईरानी स्टूडेंट्स न्यूज़ एजेंसी के हवाले से जानकारी दी कि इन हमलों के कारण कुछ समय के लिए ईंधन की आपूर्ति प्रभावित हुई और स्वास्थ्य तथा पर्यावरण को लेकर भी चिंताएं बढ़ गईं। ज़ोल्फागरी ने अमेरिका और इजराइल पर आरोप लगाया कि उन्होंने ईरान के ऊर्जा ढांचे और सार्वजनिक सेवा केंद्रों पर “निर्दयता से” हमला किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि इन हमलों में आम नागरिकों की भी मौत हुई है। उनका कहना था कि क्षेत्र के मुस्लिम देशों को अमेरिका और इजरायल को ऐसी “कायरतापूर्ण और अमानवीय कार्रवाइयों” से रोकने के लिए चेतावनी देनी चाहिए, ताकि संघर्ष और ज्यादा न बढ़े। उन्होंने कहा, “अगर ऐसा नहीं हुआ तो क्षेत्र में इसी तरह की जवाबी कार्रवाई की जाएगी।
अगर आप प्रति बैरल 200 डॉलर से ज्यादा तेल की कीमत सहन कर सकते हैं, तो फिर यह खेल जारी रखें।” यह चेतावनी 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा तेहरान और ईरान के कई अन्य शहरों पर किए गए संयुक्त हमलों के बाद आई है। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई, उनके कुछ परिवार के सदस्य, कई वरिष्ठ सैन्य कमांडर और आम नागरिक मारे गए थे। इसके जवाब में ईरान ने इजराइल और मध्य पूर्व में स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर कई चरणों में मिसाइल और ड्रोन हमले किए थे।