नई दिल्लीः ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच जारी जंग अब चौथे हफ्ते में पहुंच गई है। लड़ाई कम होने के कोई साफ संकेत नहीं दिख रहे हैं और हालात अब भी तनावपूर्ण बने हुए हैं। लगातार नए हमले, बढ़ते हताहत और तीखी बयानबाजी से पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता बनी हुई है। इजरायल की सेना ने ईरान के नौसैनिक ढांचे को बड़ा झटका देते हुए एक अहम सैन्य ठिकाने पर हमला किया है। बताया जा रहा है कि यह हमला इस्फहान में स्थित उस रिसर्च एंड डेवेलपमेंट सेंटर पर किया गया, जहां ईरान की नौसेना के लिए पनडुब्बियों और उससे जुड़े सिस्टम को डिजाइन और डेवलप किया जाता था।
इजरायल के हमले से ईरान को भारी नुकसान हुआ है और उसके कई साइट्स तबाह हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, यह सेंटर ईरान की एकमात्र ऐसी जगह था, जहां पनडुब्बियों और नौसैनिक सपोर्ट सिस्टम पर काम होता था। यहां पर ईरान कई तरह के मानव रहित नौसैनिक उपकरण (ड्रोन पोत) विकसित करता था। बताया गया है कि यह हमला इजरायली नौसेना की खुफिया जानकारी के आधार पर किया गया।
इस कार्रवाई से ईरान की नई और उन्नत पनडुब्बियां बनाने की क्षमता को बड़ा नुकसान पहुंचा है, साथ ही उसकी मौजूदा नौसैनिक क्षमता को अपग्रेड करने की प्रक्रिया भी प्रभावित हुई है। इस हमले के बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि इस मामले पर अभी तक ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
इजरायल डिफेंस फोर्स ने कहा है कि वह ईरान की सैन्य उत्पादन क्षमता को कमजोर करने के लिए इस तरह की कार्रवाइयां जारी रखेगा, ताकि लंबे समय में तैयार की गई उसकी रक्षा क्षमता को सीमित किया जा सके। दूसरी ओर ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिकी विमानवाहक पोत यूएसएस अब्राहम लिंकन की दिशा में क्रूज मिसाइल दागी है। यह जानकारी ईरान के सरकारी टीवी के हवाले से सामने आई है, हालांकि इस दावे की अभी तक स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और अमेरिका की ओर से भी कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
