ऊना/सुशील पंडित: प्रदेश में गैर और असंगठित क्षेत्र व मनरेगा मजदूरों को कांग्रेस व इंटक में पूरा भरोसा है इंटक यह बात राष्ट्रीय इंटक के संगठन सचिव व प्रदेश इंटक के महासचिव कामरेड जगत राम शर्मा ने प्रेस नोट में कहीं और विस्तार से बताया कि गत दिनों हिमाचल प्रदेश भवन निर्माण मजदूर यूनियन इंटक( रजिस्टर्ड नंबर 273) शिमला के सचिवालय में प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखदेव सिंह सुक्खू को मिला। बाबा हरदीप सिंह प्रदेश इंटक के अध्यक्ष यूनियन के सभी वरिष्ठ सदस्य साथ में थे ।जगत राम ने कहा कि 1985 में ऊना में यह यूनियन गठित की गई थी और उसके लंबे संघर्ष के बाद 1996 में कांग्रेस ने भवन एवं निर्माण कामगारों के लिए एक्ट बनाया और उसके बाद 2009 में धूमल की सरकार ने हिमाचल में लंगड़ा बोर्ड गठित कर दिया ।स्वर्गीय वीरभद्र सिंह मुख्यमंत्री बनने पर बोर्ड का पूर्ण गठन किया गया इसमें इंटक के और दूसरे यूनियनों के एक्ट के अधीन प्रतिनिता दी गई ।उस समय बोर्ड के गैर सरकारी सदस्यों पर दबाव बनाया जाता था कि ज्यादा से ज्यादा लोगों को बोर्ड के साथ पंजीकरण किया जाए और करोड रुपए का सेस इकट्ठा हुआ और करोड़ों रुपए के लाभ दिए गए इस प्रकार लोगों को पता चला कि यह बोर्ड लोगों की भलाई के लिए सोनिया गांधी और मनमोहन सिंह ने ही बनाया था परंतु आरएसएस बीजेपी मोदी और जयराम की सरकार ने इस बोर्ड को नष्ट करने में कोई कसर नहीं छोड़ी और सारे क्लेम यूनियनों द्वारा बोर्ड के साथ पंजीकरण को रोक दिया गया जो सरासर अन्याय है इसके लिए जो भाजपा सरकार ने आदेश दिए थे उनको सुखु सरकार भी आगे बढ़ा रही है इंटक यह कभी नहीं होने देगी कि मोदी सरकार द्वारा चलाई गई मजदूरों की जनविरोधी नीतियां चलने नहीं देगी इंटक इसके लिए लगातार संघर्ष कर रही है और हिमाचल मे 5-6 जगह पर हमने बड़े-बड़े प्रदर्शन किए ओर हजारों लोगों तक हमारे इंटक की बात गई इंटक मांग करती है कि जो भाजपा सरकार ने जो वर्तमान सरकार ने मजदूरों के विरुद्ध जितने भी फैसले लिए उन को तुरंत रद्द किया जाए ।
असंगठित क्षेत्र व मनरेगा मजदूरों को कांग्रेस व इंटक पर पूरा भरोसा:जगत राम
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