Punjab Govt AD
HomeNational92,600 टन LPG लेकर जल्द भारत पहुंचेंगे 2 जहाज

92,600 टन LPG लेकर जल्द भारत पहुंचेंगे 2 जहाज

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

नई दिल्लीः अमेरिका-इजराइल और ईरान जंग का आज 25वां दिन हैं। ईरान में मंगलावर को कई जगह एनर्जी इन्फ्रास्ट्रक्टचर पर हमला हुआ। मीडिया रिपोट्स के मुताबिक, ईरान के इस्फहान शहर में गैस प्लांट और गैस कंट्रोल स्टेशन को निशाना बनाया गया। इसके अलावा खोर्रमशहर के पावर प्लांट और उसकी गैस पाइपलाइन पर भी हमला हुआ। वहीं अमेरिका-इजराइल और ईरान का असर भारत में देखने को मिल रहा है। एलपीजी कमी से निपटने के लिए भारत सरकार द्वारा लगातार प्रयास जारी है। वहीं सरकार ने बताया कि आज एलपीजी से भरे 2 जहाज पाइन गैस और जग वसंत – सुरक्षित रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पार कर चुके हैं और भारत की ओर आ रहे हैं।

पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्रालय के विशेष सचिव राजेश कुमार सिन्हा ने बताया कि पाइन गैस जहाज 27 मार्च को न्यू मैंगलोर पोर्ट पहुंचेगा, जिसमें 45,000 मीट्रिक टन एलपीजी है। जबकि, जग वसंत जहाज 26 मार्च को कांडला पोर्ट पहुंचेगा, जिसमें 47,600 मीट्रिक टन एलपीजी लोड है। इसके अलावा, 20 भारतीय जहाज अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिम में मौजूद हैं। इससे पहले, जहाज ट्रैकिंग डेटा में दिखाया गया था कि दोनों जहाजों को सुरक्षित रास्ते की मंजूरी मिलने के बाद वे इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से गुजर रहे हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, होर्मुज जलडमरूमध्य को पार करने में आमतौर पर करीब 14 घंटे का समय लगता है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब फरवरी के अंत में अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद इस क्षेत्र में तनाव बढ़ गया है, जिससे यह अहम समुद्री मार्ग प्रभावित हुआ है। जग वसंत ने कुवैत से एलपीजी लोड की थी, जबकि पाइन गैस ने यूएई के रुवैस से अपना कार्गो लिया था। तनाव के कारण ये जहाज पहले फंसे हुए थे, लेकिन अब इन्हें आगे बढ़ने की अनुमति मिल गई है। इस महीने की शुरुआत में भी दो अन्य भारतीय जहाज इसी रास्ते से सफलतापूर्वक गुजर चुके हैं।

इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि सरकार वैश्विक तेल संकट से देश के लोगों को बचाने के लिए कई कदम उठा रही है और ऊर्जा सप्लाई के अंतरराष्ट्रीय रास्तों को सुचारू रखने की कोशिश कर रही है। राज्यसभा में पश्चिम एशिया संकट पर बोलते हुए उन्होंने हर क्षेत्र में से,खासकर ईंधन परिवहन और समुद्री मार्गों में आत्मनिर्भर बनने पर जोर दिया।

उन्होंने कहा कि देश और देशवासियों को वैश्विक झटकों से बचाने का एकमात्र उपाय आत्मनिर्भरता है। वर्तमान में भारत का करीब 90 प्रतिशत व्यापार विदेशी जहाजों के जरिए होता है, जिससे हम दूसरों पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में किसी भी वैश्विक संकट या युद्ध के समय स्थिति और गंभीर हो सकती है। प्रधानमंत्री ने बताया कि सरकार ‘मेक इन इंडिया’ के तहत करीब 70,000 करोड़ रुपए की लागत से भारतीय जहाजों को बढ़ावा देने की दिशा में काम कर रही है।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Punjab Govt AD

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -