उद्योगों में आपसी व्यवसायिक साझेदारी को विकसित करना उद्देश्य
बद्दी/सचिन बैंसल: सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (एमएसएमई), भारत सरकार के तत्वावधान में 29 से 30 जनवरी को एमएसएमई–टेक्नोलॉजी सेंटर, बद्दी में दो दिवसीय वेंडर डेवलपमेंट प्रोग्राम का शुक्रवार को समापन हो गया। यह कार्यक्रम प्रोक्योरमेंट एवं मार्केटिंग स्कीम के अंतर्गत आयोजित किया गया, जिसका मुख्य उद्देश्य एमएसएमई इकाइयों और सरकारी व बड़े खरीदारों के बीच मजबूत व्यावसायिक साझेदारी स्थापित करना रहा।
इस कार्यक्रम के दौरान सीपीएसयू, सरकारी विभागों और बड़े खरीदारों के साथ बायर–सेलर मीट आयोजित की गई, कार्यक्रम में एमएसएमई उद्यमियों को सीधे खरीददारों से जुड़ने का अवसर मिला। इसके अलावा प्रेजेंटेशन व इंटरैक्शन सेशन के माध्यम से प्रतिभागियों को नए टेंडर, व्यावसायिक अवसरों और बाजार की संभावनाओं की विस्तृत जानकारी भी मिली। कार्यक्रम में एमएसएमई को विभिन्न सरकारी सहायता योजनाओं जैसे जेम पोर्टल, जेडईडी सर्टिफिकेशन, एलईएएन मैन्युफैक्चरिंग, पीएमएस और नवाचार आधारित योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इससे छोटे और मध्यम उद्यमों को अपनी गुणवत्ता, उत्पादकता और प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता बढ़ाने में मदद मिली।
एमएसएमई सोलन के एचओडी व असिस्टेंट डायरेक्टर एके गौत्तम ने समारोह में पहुंचे सभी उद्यमियों का आभार व्यक्त किया। एमएसएमई टेक्नालाजी सेंटर बददी के प्रभारी सुखमन सिंह ने कहा कि इस दो दिवसीय वेंडर डिवेलपमेंट प्रोग्राम में बददी बरोटीवाला नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन, लघु उद्योग संघ, हिमाचल ड्रग मैन्युफैक्चरिंग एसोसिएशन, नालागढ़ इंडस्ट्री एसोसिएशन, लघु उद्योग भारती, नेशनल फर्टिलाइजर लिमिटेड नंगल, फेडरेशन आफ इंडियन इंडस्ट्री, परवाणू इंडस्ट्री एसोसिएशन सहित कई उद्यमियों ने हिस्सा लिया।
कार्यक्रम में बददी यूनिवर्सिटी और इक्फाई यूनिवर्सिटी भी पहुंचे थे। कार्यक्रम में बतौर मुख्यतिथि बीबीएनडीए की सीईओ सोनाक्षी तोमर ने शिरकत की और उद्यमियों व बच्चों उद्यम से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। विषय विशेषज्ञाें ने उद्यमियों को प्रेरित किया कि वह जेम पोर्टल पर अपनी कंपनियों का पंजीकरण करवाएं ताकि सरकारी स्तर पर होने वाली खरीद का हिस्सा बन सकें।
