नई दिल्ली: दुनिया भर के बाजारों में मचे हाहाकार का असर अब भारतीय शेयर बाजार तक पहुंच गया। बाजार खुलते ही बाजार पर कोहराम मच गया। सेंसेक्स और निफ्टी ताश के पत्तों की तरह ढह गए, जिससे निवेशकों के अरबों रुपये पल भर में साफ हो गए.हफ्ते के पहले कारोबारी दिन बाजार की शुरुआत बेहद खराब रही। सुबह 9:16 बजे तक BSE सेंसेक्स 1,474.56 अंक (1.98%) की भारी गिरावट के साथ 73,058.40 के स्तर पर आ गया। वहीं, निफ्टी 50 भी 433.70 अंक (1.88%) टूटकर 22,680.80 पर पहुंच गया। बाजार खुलने के चंद मिनटों के भीतर ही आई इस सुनामी से हर तरफ लाल निशान नजर आ रहा है।
इस गिरावट के पीछे सबसे बड़ी वजह मिडिल ईस्ट का तनाव और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प का 48 घंटे का अल्टीमेटम है। ट्रम्प ने ईरान को ‘स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज’ खोलने की चेतावनी दी है, वरना उसके ऊर्जा ठिकानों को तबाह करने की धमकी दी है। इस खबर ने ग्लोबल सप्लाई चेन को लेकर डर पैदा कर दिया है, जिससे कच्चा तेल $100 के करीब और ब्रेंट क्रूड $112.17 के पार पहुंच गया है। भारतीय बाजार ही नहीं, बल्कि एशियाई बाजारों में हाहाकार मचा हैय़ दक्षिण कोरिया का KOSPI 4.57% और जापान का Nikkei 4% से ज्यादा टूट चुका है। आईईए प्रमुख फातिह बिरोल ने भी चेतावनी दी है कि दुनिया पिछले कई दशकों के सबसे बड़े ऊर्जा संकट की तरफ बढ़ रही है, जिसका असर ग्लोबल इकोनॉमी पर बहुत बुरा पड़ेगा।
इस बीच शुरुआती कारोबार में रुपया डॉलर के मुकाबले ऑल-टाइम लो पर चला गया। शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकन करेंसी के मुकाबले 0.1 फीसदी की गिरावट के साथ 93.83 पर आ गया। पिछले सत्र में रुपया अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में 64 पैसे की बड़ी गिरावट के साथ 93.53 प्रति डॉलर पर बंद हुआ था। वैश्विक स्तर पर तनाव बढ़ने के बीच विदेशी पूंजी की सतत निकासी और कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल से रुपये पर दबाव है।
