नई दिल्ली: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भारत-पाकिस्तान में हुए विवाद को लेकर कई तरह के बयान देते रहते हैं। हर बार इस मुद्दे को वह बढ़ा-चढ़ाकर और बिना किसी सबूत के बड़े-बड़े दावों के साथ उठाते रहते हैं। अब इस बार फिर ट्रंप ने मई में हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान गिराए गए विमानों की संख्या को दोहराया है। इस बार भी उन्होंने दुनिया को फिर से याद करवा दिया है कि भारत-पाकिस्तान में व्यापारिक दबाव डालकर उन्होंने सीजफायर करवाया था।
टैरिफ नीति के कारण हुआ
मियामी में हुए अमेरिका बिजनेस फोरम के दौरान ट्रंप ने कहा है कि – ‘मैं भारत और पाकिस्तान दोनों के साथ ट्रेड डील की बातचीत कर रहा था। तभी मुझे खबर मिली कि दोनों देशों के बीच युद्ध जैसी स्थिति बन गई है। सात विमान गिर चुके हैं और आठवां बुरी तरह से क्षतिग्रस्त है। तब मैंने कहा कि अगर तुम लोग लड़ाई करोगे तो मैं किसी से व्यापार नहीं करुंगा’।
ट्रंप ने आगे मजाकिया अंदाज में कहा कि यह सब उनके टैरिफ नीति के कारण हुआ है। ‘मैंने उन्हें समझाया कि दोनों परमाणु शक्ति वाले देश हैं। युद्ध के बजाय व्पायार बेहतर है। अगले ही दिन मुझे फोन आया कि दोनों देशों ने युद्धविराम पर सहमति बना ली है। मैंने कहा बढ़िया अब बिजनेस करो’।
पहले भी कई बार कर चुके हैं दावा
बता दें कि यह कोई पहला मौका नहीं है जब ट्रंप ने भारत-पाकिस्तान संघर्ष रुकने का कारण हो। रिपोर्ट्स के अनुसार, उन्होंने पिछले छह सालों में 60 से ज्यादा बार यह दावा दोहराया कि उनके कारण ही दोनों देशों में तनाव हुआ है हालांकि भारत ने यह दावा कई बार खारिज कर दिया है। उन्होंने कहा कि कोई तीसरा देश उसके द्विपक्षीय मामलों में शामिल नहीं है।
मई से पहले ही भारत ने ऑपरेशन सिंदूर चलाया था। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में यह ऑपरेशन चलाया गया था। इस मिशन के अंतर्गत पाकिस्तान और पीओके में आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया था। चार दिन तक चली यह कार्रवाई में 10 मई को खत्म हुई थी। जब दोनों देशों ने सीजफायर का ऐलान कर दिया था।
कई देशों के विवाद किए हैं खत्म
ट्रंप ने आगे यह कहा कि उन्होंने सिर्फ भारत पाकिस्तान ही नहीं बल्कि कई दूसरे देशों के बीच चल रहे पुराने विवाद भी खत्म करवाए हैं। कोसोवो-सेर्बिया, कांगो-रवांडा, आर्मेनिया-अजरबैजान। ऐसे कई झगड़े हैं जो दशकों से चल रहे थे पर मैंने एक घंटे में सुलझा दिए। उन्होंने कहा कि अमेरिका ताकत के बल पर शांति कायम कर रहा है और अब ऐसा कोई भी देश नहीं है जो अमेरिका से आकर टक्कर लेना चाहता है।
