धर्म: भगवान शिव का प्रिय सावन अब बस खत्म होने वाला है। अभी तक सावन के तीन सोमवार हो चुके हैं और कल आखिरी सोमवार है। ऐसे में यह सावन का आखिरी सोमवार है तो इसका महत्व और भी खास है। मान्यताओं के अनुसार, यदि इस दिन भगवान शिव पर सच्चे भाव के साथ लोटा जल चढ़ाया जाए तो वह शीघ्र प्रसन्न होंगे। तो चलिए आपको बताते हैं कि कल आप शिव को कैसे प्रसन्न कर सकते हैं।
ब्रह्म मुहूर्त में करें पूजा
कल सावन का आखिरी सोमवार है। ऐसे में इस दिन सर्वार्थ सिद्धि योग के साथ-साथ ब्रह्म और इंद्र योग का संयोग भी बन रहा है। ऐसे में भक्त सारा दिन कभी भी पूजा कर सकते हैं परंतु ब्रह्म मुहूर्त में पूजा करना सबसे उत्तम माना जाता है।
पंचाग के अनुसार, सावन के आखिरी सोमवार के दिन जलाभिषेक करने के ब्रह्म मुहूर्त सुबह 4:20 से लेकर 5:02 तक है। वहीं अभिजीत मुहूर्त दोपहर 2:42 मिनट से शुरु होगा और दोपहर 3:36 पर खत्म होगा। इस दिन अमृत काल शाम 5:47 से लेकर 7:34 मिनट तक होगा।
ऐसे करें पूजा
सावन के आखिरी सोमवार वाले दिन सुबह जल्दी उठ जाए। फिर स्नान आदि के बाद व्रत का संकल्प लें। इसके बाद भगवान शिव और मां पार्वती की प्रतिमा रखें। इसके बाद शिवलिंग का गंगाजल और पंचामृत के साथ अभिषेक करें। बेलपत्र, चंदन, अक्षत, धतूरा, फल और मिठाई शिवलिंग पर चढ़ाएं। इसके साथ ही घी का दीपक जलाएं और शिव चालिसा का पाठ करें। सावन सोमवार की व्रत कथा पढ़ें और भगवान शिव की आरती करें। यदि पूजा में कोई भूल हो जाए तो शिव भगवान से क्षमा मांग लें।
रुद्राभिषेक करें
सावन के आखिरी सोमवार वाले दिन रुद्राभिषेक करें। इससे नेगेटिव एनर्जी दूर होगी और ग्रह दोष शांत होगे। इसके साथ ही सोमवार को 108 बेलपत्र लें। फिर उन पर सफेद चंदन का तिलक लगाएं और उन्हें शिवलिंग पर अर्पित कर दें। मान्यताओं के अनुसार, ऐसा करने से जीवन में आ रही सारी दिक्कतें दूर होगी।
