नई दिल्ली: अप्रैल का महीना कई बदलावों के साथ शुरु हो गया है। नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही महंगाई का ऐसा झटका लगा है कि अप्रैल के पहले दिन को महंगाई डे कहना कुछ गलत नहीं होगा। एलपीजी सिलेंडर महंगा हुआ है तो हवाई ईंधन की कीमत एक झटके में दोगुनी हो गई है। सिर्फ इतना ही नहीं शेयर बाजार में F&O ट्रेडिंग पर भी महंगाई भारी पड़ी है।
सिलेंडर हुआ महंगा
लड़ाई का असर सबसे पहले सिलेंडर पर हुआ है। बीते 7 मार्च को 14 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर की कीमतों पर स्थिर रखा गया है परंतु ऑयल मार्केटिंग कंपनी ने 19 किलोग्राम वाले एलपीजी सिलेंडर की कीमत में भारी बदलाव हुआ है जो खासतौर पर होटल-रेस्टोरेंड इंडस्ट्री के लिए बड़ी मुसीबत है। देश में 1 अप्रैल से कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर प्राइज 2018 रुपये तक बढ़ाए गए हैं। इस ताजा बढ़ोतरी के बाद दिल्ली में इसकी नई कीमत 2078.50 रुपये, कोलकाता में 2208 रुपये, मुंबई में 2031 रुपये और चेन्नई में 22 46.50 रुपये हो गई है।
अब बैंक में लेन-देन करना पड़ेगा महंगा
सभी बैंकों ने अप्रैल के दिन एटीएम विदड्रॉल के नियम बदलकर ग्राहकों की जेब का बोझ बढ़ाने वाला कदम भी उठाया है। एचडीएफसी बैंक के एटीएम से यूपीआई का इस्तेमाल करके कैश निकालते हैं। अब ये निकाली एटीएम फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट में गिनी जाएगी। पहले बड़े-बड़े शहरों में एचडीएफसी एटीएम में 5 ट्रांजैक्शन जबकि बाकी 3 जगह ट्रांजैक्शन फ्री हैं। इसके बाद हर ट्रांजैक्शन के लिए 23 रुपये का चार्ज और टैक्स लगेगा।
एचडीएफसी के साथ ही पीएनबी और बंधन बैंक ने भी झटका दिया है। पंजाब नेशनल बैंक ने भी 1 अप्रैल से कुछ कार्डों की मैक्सिमम डेली विड्रॉल लिमिट 1 लाख रुपये से कम करवाकर 50,000 की है। वही बंधन बैंक ने एटीएम लेने देने के लिए नियम बदले हैं।
इसके अंतर्गत फ्री ट्रांजैक्शन लिमिट के बाद यहां भी ग्राहकों को हर ट्रांजैक्शन पर 23 रुपये शुल्क देना होगा। बैंक अकाउंट में अपर्याप्त रकम होने पर एटीएम ट्रांजैक्शन फेल होने पर 25 रुपये की पेनल्टी भी लगेगी। 1 अप्रैल से यानी की महंगाई का झटका शेयर बाजार में ट्रेडिंग करने वालों पर सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स ज्यादा देना पड़ेगा।
फ्यूचर पर एसटीटी 150% और ऑप्शन ट्रेडिंग करते हैं। सिक्योरिटी ट्रांजैक्शन टैक्स ज्यादा देना पड़ेगा। फ्यूचर पर एसटीटी 150% और ऑप्शन पर एसटीटी करीबन 50% बढ़ी है। अप्रैल के पहले दिन से कार खरीदना भी महंगा हो गया है। सभी कार निर्माता कंपनियों ने कीमतों मे