धर्मः वाहन आज हमारी जिंदगी का सबसे जरूरी हिस्सा बन चुके हैं। बिना स्कूटी, मोटरसाइकिल और कार के लोग कहीं भी जाना पसंद नहीं करते हैं लेकिन इसी जरूरत ने जीवन में खतरे भी बढ़ा दिए हैं। हर रोज सड़क दुर्घटनाओं की कई खबरें आती हैं। कई बार लोग बहुत सावधानी से वाहन चलाते हैं, नियमों का पालन भी करते हैं, फिर भी दुर्घटना हो जाती है।
जानकारों के मुताबिक, ऐसे हादसों के पीछे केवल भौतिक कारण नहीं, बल्कि ऊर्जाओं का असंतुलन और ग्रहों का प्रभाव भी जिम्मेदार होता है। ज्योतिषों के मुताबिक अगर वाहन स्टार्ट करने से पहले केवल 5 सेकंड रुककर एक छोटा-सा सुरक्षा मंत्र मन में बोल दिया जाए, तो जीवन में कभी कोई बड़ी दुर्घटना नहीं होगी। यह आस्था से ज्यादा चेतना और ऊर्जा का विज्ञान है।
- गणेश जी सभी कार्यों के प्रारंभ में पूजे जाते हैं। ॐ श्री गणेशाय नमः मंत्र बोलने से सभी तरह के विघ्न दूर होते हैं। यात्रा शुरू करने से पहले यह मंत्र मन में जरूर दोहराना चाहिए।
- ॐ अन्ते रक्षाय नमः सुरक्षा का सीधा मंत्र है। इसका जप वाहन चालकों के लिए विशेष रूप से लाभदायक होता है। यह मंत्र विशेष रूप से सुरक्षा के लिए उपयोगी है।
- हनुमान जी को संकटमोचक कहा जाता है। ॐ हं हनुमते नमः मंत्र हर यात्रा को संरक्षित करता है। वाहन चलाने से पहले यह मंत्र मन में जरूर दोहराएं।
- शिव का स्मरण शरीर और मन दोनों को संतुलन देता है। वाहन चलाने से पहले ॐ नमः शिवाय मंत्र मन में दोहराने से दुर्घटनाओं से रक्षा होती है।
ये वास्तु उपाय भी होंगे फायदेमंद
वाहन में वास्तु के कुछ सरल उपाय करने से भी सकारात्मक ऊर्जा बनी रहती है। वाहन में भगवान गणेश, शिव या हनुमान जी की एक छोटी प्रतिमा या तस्वीर जरूर रखनी चाहिए। वाहन स्टार्ट करने से पहले 3 से 5 सेकंड रुकें, आंखें बंद करें और मंत्र बोलें। वाहन हमेशा दाएं हाथ से स्टार्ट करें, इसे शुभ माना जाता है। एक लाल या पीले रंग का रूमाल वाहन में रखें. ये रंग ऊर्जा बढ़ाते हैं और मनोबल को मजबूत करते हैं। गाड़ी के डैशबोर्ड या पास में कांटेदार पौधे, जैसे कैक्टस न रखें. ये नकारात्मकता फैलाते हैं।