ऊना/ सुशील पंडित: कोटला कलां स्थित पातका मंदिर डेरा बाबा बेली राम जी महाराज के पावन आश्रम में साप्ताहिक कथा कार्यक्रम का आज विधिवत शुभारंभ अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ किया गया। कथा के शुभारंभ से पूर्व निकाली गई भव्य शोभायात्रा ने पूरे क्षेत्र को धर्ममय वातावरण में सराबोर कर दिया। चारों ओर जयकारों, भजनों और धार्मिक उद्घोषों से वातावरण भक्तिरस से ओत-प्रोत हो गया।
शोभायात्रा का शुभारंभ संत बाबा बाल महाराज के आश्रम से हुआ, जो कोटला, अरनियाला तथा भीखा मार्किट से होती हुई पातका मंदिर स्थित कथा स्थल पर संपन्न हुई। इस ऐतिहासिक शोभायात्रा में हजारों की संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर धर्म लाभ अर्जित किया। सैकड़ों महिलाओं ने सिर पर कलश धारण कर कलश यात्रा में भाग लिया, जिससे शोभायात्रा की शोभा और भी बढ़ गई।
शोभायात्रा के दौरान प्रस्तुत की गई मनमोहक झांकियां श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रहीं। राधा-कृष्ण, श्रीराम परिवार, शिव-पार्वती सहित विभिन्न देवी-देवताओं की सुंदर झांकियों ने उपस्थित श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर शोभायात्रा का भव्य स्वागत किया, वहीं मार्ग में अनेक स्थानों पर प्रसाद वितरण कर भक्तों की सेवा की गई।
संत बाबा बाल महाराज स्वयं शोभायात्रा में सम्मिलित हुए, जिससे शोभायात्रा की गरिमा और भव्यता और अधिक बढ़ गई। उनकी उपस्थिति से श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला।कथा के दौरान संत बाबा बाल महाराज ने भगवान श्रीराम के आदर्श चरित्र पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभु श्रीराम का जीवन सत्य, मर्यादा, त्याग और सेवा का प्रतीक है, जिसे अपनाकर समाज में शांति और सद्भाव स्थापित किया जा सकता है। उन्होंने लोगों से आपसी वैर-भाव, द्वेष और ईर्ष्या को त्यागकर प्रेम, भाईचारे और एकता के मार्ग पर चलने का आह्वान किया।
कथा के उपरांत विधिवत आरती का आयोजन किया गया, जिसमें श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। इसके पश्चात संगतों के लिए भव्य भंडारे का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालुओं ने प्रसाद ग्रहण किया। संपूर्ण आयोजन श्रद्धा, सेवा और सामाजिक समरसता का अनुपम उदाहरण बना।