नई दिल्ली: अमेरिका और ईरान के बीच में लगातार तनाव बढ़ रहा है। अब ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कह दिया है कि उनके पास ऐसे हथियार हैं जो अमेरिकी जंगी बेड़ा तबाह कर सकते हैं। वहीं ईरान के इस बयान से यह साफ हो गया है कि वो भी युद्ध की तैयारी कर रहा है। यदि अमेरिका ने हमला किया तो वह जवाबी कार्रवाई करेगा।
अमेरिका ने मिडिल ईस्ट में अपनी सैन्य मौजूदगी के बढ़ते हुए पिछले 24 घंटे में 50 से ज्यादा लड़ाकू विमान तैनात किए हैं। डिपेंडेंट फ्लाइट ट्रैकिंग डेटा और मिलिट्री एविएशन मॉनिटर्स के अनुसार, एफ-22, एफ-35 और एफ-16 जैसे आधुनिक लड़ाकू विमान मध्य पूर्व की ओर बढ़ते देखे गए हैं। इनके साथ कई हवाई ईंधन भरने वाले टैंकर भी भेजे गए हैं।
इससे यह संकेत मिलता है कि अमेरिकी सेना लंबे समय तक सैन्य अभियान चलाने की तैयारी कर रहे हैं। इससे पहले ट्रंप ने ऐलान किया है कि उन्होंने अमेरिकी सेना के कई उन्नत युद्धपोतों को मिडिल ईस्ट भेज दिया गया है।
अमेरिका को दी चेतावनी
ट्रंप के इस बयान पर पलटवार करते हुए खामेनेई ने सोशल मीडिया हैंडल पर एक तस्वीर शेयर की है। इससे अमेरिका के सबसे बड़े एयरक्राफ्ट कैरियर USS Gerald R Ford को पानी के नीचे डूबा हुआ दिखा है। साथ में कब्र का प्रतीक चिन्ह भी लगा हुआ है।
खामेनेई ने अपनी पोस्ट में अमेरिका के राष्ट्रपति के बयानों पर तंज कसते हुए लिखा कि – राष्ट्रपति लगातार यह कह रहे हैं कि उन्होंने ईरान की ओर एक युद्धपोत भेजा है। बेशक युद्धपोत एक खतरनाक सैन्य हार्डवेयर है परंतु उस युद्धपोत से भी ज्यादा खतरनाक वह हथियार हैं जो उस जहाज को समुद्र में डुबो सकता है। खामेनेई का ये बयान ईरान की रक्षा क्षमताओं और उसकी जवाबी कार्रवाई की तैयारी को दिखा रहा है।
और भी गंभीर बनी है स्थिति
तेहरान और वाशिंगटन के बीच में बढ़ते तनाव के बीच में ऐसी बयानबाजी ने स्थिति को और भी गंभीर बना दिया है। एक्सपर्ट्स का यह मानना है कि ईरान ने इशारों में अपनी एंटी-शिप मिसाइल प्रणालियों की ताकत का जिक्र किया है। अमेरिकी नौसैनिक संपत्तियों की तैनाती को ईरान एक बड़ी चुनौती के रुप में देख रहा है इसके जवाब में उसने अब सार्वजनिक रुप में युद्धपोतों को नष्ट करने का डर दिखाया है फिलहाल दोनों ओर से तनाव चरम पर हैं।
जिनेवा में होगी दूसरे दौर की बातचीत
ओमान की मध्यस्थता से दोनों देशों के बीच में मंगलवार को तेहरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर जिनेवा में दूसरे दौर की वार्ता हुई। इस वार्ता को ईरानी विदेश मंत्री ने पॉजिटिव बताया है और कहा कि कई मुद्दों पर सहमति बनी है। आगे की बैठक को लेकर भी बातचीत हुई है हालांकि अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि कई मुद्दों पर दोनों देशों के बीच में सहमति बनी है पर राष्ट्रपति के द्वारा तय की गई कुछ रेड लाइन्स को ईरान स्वीकार करने के लिए भी तैयार नहीं है।