ऊना/सुशील पंडित: शिव सेना के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष जय दत्ता ने प्रदेश सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश में लगातार हो रही हत्या, लूटपाट और बलात्कार जैसी घटनाओं ने जनता का भरोसा सरकार से उठाना शुरू कर दिया है, लेकिन सुक्खू सरकार इन मामलों पर चुप्पी साधे बैठी है। जय दत्ता ने आरोप लगाया कि सरकार अपनी ज़िम्मेदारी से बच नहीं सकती और उसे जनता के सामने सच्चाई उजागर करनी ही होगी।
शिव सेना प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष जय दत्ता ने कहा कि पिछले कुछ समय से प्रदेश के लगभग हर समाचार पत्र और मीडिया प्लेटफॉर्म पर अपराधों की खबरें प्रमुखता से छप रही हैं, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं। लेकिन इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई ठोस ब्यान या प्रभावी कदम सामने नहीं आए हैं। उन्होंने इसे प्रदेश की व्यवस्था परिवर्तन वाली सरकार की सबसे बड़ी विफलता करार दिया।
उन्होंने कहा कि प्रदेश की जनता सरकार से सुरक्षा की उम्मीद करती है, लेकिन मौजूदा हालत देखकर ऐसा महसूस होता है कि अपराधियों में पुलिस या कानून का कोई डर नहीं रह गया है। जय दत्ता ने कहा कि अपराधों की बढ़ती घटनाएं साफ संकेत देती हैं कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है।
शिव सेना प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष जय दत्ता ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस सरकार का मौन जनता की चिंता को और बढ़ा रहा है। उन्होंने कहा कि जब विपक्ष लगातार चेतावनी दे रहा है और जनता सवाल उठा रही है, तब सरकार का इस मुद्दे पर चुप रहना समझ से परे है। उन्होंने कहा कि सरकार का दायित्व है कि वह जनता की आवाज सुने, और अपराध नियंत्रण के लिए तुरंत ठोस कदम उठाए।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पुलिस संसाधनों की कमी, कमजोर निगरानी और प्रशासनिक लापरवाही के चलते अपराधियों के हौसले बुलंद हो चुके हैं। यदि सरकार ऐसे ही हाथ पर हाथ धरे बैठी रही, तो प्रदेश में अराजकता फैलने का खतरा बढ़ जाएगा।
जय दत्ता ने सुक्खू सरकार से मांग की कि प्रदेश में बढ़ रही गंभीर आपराधिक गतिविधियों पर तत्काल एक्शन लिया जाए और जनता को सुरक्षा का भरोसा दिया जाए। उन्होंने कहा कि हिमाचल जैसे शांत प्रदेश में इस तरह की घटनाएं बेहद चिंता का विषय हैं, और सरकार को बिना देरी कड़े कदम उठाने चाहिए। शिव सेना के प्रदेश कार्यकारिणी अध्यक्ष जय दत्ता ने सरकार से आग्रह किया कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था सुधारीं जाए और जनता का भरोसा बहाल किया जाए।