Sat, Jan 03, 2025, 20:57:41 PM
- Advertisement -
HomeHimachalBaddiHimachal News: सरकार की नाकामी के चलते हरिपुरधार में हुई बस दुर्घटना

Himachal News: सरकार की नाकामी के चलते हरिपुरधार में हुई बस दुर्घटना

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

सरकार ने घाटे के नाम पर बंद किए 460 रूट- कौशल

बद्दी/सचिन बैंसल: भाजपा के जिला कार्यकारिणी के सदस्य कृष्ण कौशल ने कहा कि हरिपुर धार में सड़क में  दुर्घटना सरकार की कमियों की चलते हुई है। सरकार ने प्रदेश भर में 460 रूटों को  घाटे के नाम पर बंद कर दिया है। अब जब रूट पर गाड़ी नहीं होगी तो यात्रियों को घर जाना ही है। बस चालक की भी मजबूरी है कि रूट पर अन्य बस न होने से यात्रियों को छोड़ना भी ठीक नहीं है।

पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि वर्तमान सरकार ने पूर्व सरकार के समय में खोले गए संस्थान व व्यवस्था में कटौती की है। व्यवस्था परिवर्तन के नाम पर प्रदेश के सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने 460 रूटों को घाटे के नाम पर बंद किया। इन रूटों पर अब गिनी चुनी बसें रह गई है। हरिपुरधार एक विकट  पहाड़ी क्षेत्र है। सोलन से चलने वाली इस  बस राजगढ़, नौहराधार, हरिपुरधार व रोनहाट व शिलाई तक के लोग सवार थे। 14 लोगों की मौत के बाद पूरे गिरिपार क्षेत्र में  मातम छाया हुआ है। दो दिन के बाद इस क्षेत्र में माघी का पर्व है। ऐसे  में साल भर में  मनाए जाने वाले इस पर्व में भी लोग केवल खाली रस्मे ही निभाएंगे।

उन्होंने बताया कि बीबीएन में भी पहाड़ी क्षेत्र  के रूटो पर जाने वाली बसें हांफ रही है। जोहड़ी जी, घरेड़, साई व रामशहर क्षेत्रो में जाने वाली बसें रूटो पर खड़ी हो रही है। इन  रूटों पर भेजी जाने वाली बसों की समय पर रखऱखाव नहीं हो रहा है। एचआरटीसी के कर्मचारियों  10 दिसंबर को  वेतन मिला। जबिक पेंशनरों को अभी तक पेंशन नहीं मिली है। उन्होंने प्रदेश सरकार से मांग की है कि बंद किए हुए रूटों को बहाल किया। खास कर पहाड़ी क्षेत्र में जहां पर बसों रटों का अभाव है।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -

You cannot copy content of this page