करनालः हरियाणा में करनाल के घरौंडा में दूल्हे ने दहेज़ के रूप में मिले 6 लाख रुपए वापस कर के मिसाल कायम की है। जब दुल्हन के परिवार ने दूल्हे अंकित के माथे पर तिलक लगाने के बाद पैसे दिए, तो उसने यह पैसे वापस कर दिए। फिर उसने पैसों के बंडलों में से एक 500 रुपए का नोट निकाला और उसे दहेज़ समझ कर रख लिया। इसके बाद दूल्हे को दिया गया फर्नीचर भी वापस कर दिया गया।
इसके बाद शादी की सारी रस्में पूरी हुईं। अंकित मोहाली में एक निजी कंपनी में काम करता है, जबकि उसकी दुल्हन एक निजी स्कूल में पोस्ट-ग्रेजुएट अध्यापिका है। शादी की रस्में 5 फरवरी को घरौंडा के रेलवे रोड पर स्थित अग्रसेन भवन में हुईं। विवाह की रस्में पूरी रीति-रिवाजों के साथ निभाईं गईं।
इस दौरान, जब शगुन की रस्म हुई, तो दुल्हन के पक्ष ने नकद और फर्नीचर दिया। हालांकि, दूल्हे ने साफ़ तौर पर कहा कि वह कोई दहेज़ नहीं लेगा। उसने 6 लाख रुपए में से केवल 500 रुपए का एक नोट निकाला और कहा कि यही उसका शगुन है। आरती के चाचा विकास कुमार ने कहा कि शादी में मौजूद सभी ने दूल्हे के इस कदम की प्रशंसा की। बाद में बातचीत में पता चला कि अंकित के बड़े भाई की शादी में भी, परिवार ने शगुन (तोहफे) के रूप में सिर्फ़ एक रुपया लिया था।
