Punjab Govt
HomeHimachalराज्यपाल ने नशे के खिलाफ ऊना से की महा अभियान की शुरूआत

राज्यपाल ने नशे के खिलाफ ऊना से की महा अभियान की शुरूआत

WhatsApp Group Join Now
WhatsApp Channel Join Now

*हरोली से कांगड़ तक आयोजित ब्रिस्क वॉक को हरी झण्डी दिखाकर किया रवाना*

*पैदाल यात्रा कर दिया नशे के खिलाफ जन जागरण का संदेश*

ऊना/ सुशील पंडित :राज्यपाल श्री शिव प्रताप शुक्ल ने आज ऊना जिले में नशे के खिलाफ हरोली से कांगड़ तक आयोजित ब्रिस्क वॉक को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री भी इस अवसर पर उपस्थित थे। उत्सव की तरह आयोजित इस कार्यक्रम में अपार जनसमूह, जिसमें हर वर्ग के लोग, विभाग तथा शिक्षण संस्थानों के बच्चे शामिल हुए। राज्यपाल ने इस नयी पहल के साथ हरोली से करीब दो किलोमीटर तक पैदल यात्रा कर नशे के खिलाफ जनजागरण का संदेश दिया। इस पैदल यात्रा में कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक श्रीमती सतवंत अटवाल, उपमुख्यमंत्री की धर्मपत्नी प्रो. सिम्मी अग्निहोत्री, वरिष्ठ अधिकारी तथा अन्य गणमान्य व्यक्ति भी शामिल थे।श्री शुक्ल ने कहा, ‘‘मुझे खुशी है कि मैं जिस भावना के साथ हिमाचल में नशे के खिलाफ अभियान चला रहा हूं उसे शासन, प्रशासन और समाज के सभी वर्गों का समर्थन मिल रहा है। उप-मुख्यमंत्री ने मेरे इस अभियान को और बल दिया है। मुझे विश्वास है कि अब हिमाचल नशे के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने के मूड में है।’’
बाद में, ब्रिस्क वॉक के अंतिम पड़ाव कांगड़ में आयोजित एक विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने नशे के खिलाफ नयी पहल के साथ कार्यक्रम के आयोजन के लिए उपमुख्यमंत्री के प्रयासों की सराहना की तथा कहा कि हिमाचल को नशामुक्त बनाना हम सबका दायित्व है। उन्होंने कहा कि नशे के बुराई युवाओं के भविष्य से जुड़ी है। इस चुनौति से निपटने के लिए एकजुट होने का यह अभियान है।श्री शुक्ल ने कहा कि प्रधानमंत्री ने भी उनसे देवभूमि में बढ़ते नशे को लेकर चिंता व्यक्त की थी। इसी प्रायोजन से उन्होंने हिमाचल प्रदेश में नशे के खिलाफ जनआंदोलन चलाने का निर्णय लिया है, जिसमें उपमुख्यमंत्री ने सहयोग किया है। उन्होंने पुलिस प्रशासन द्वारा इस दिशा में किए जा रहे प्रयासों की सराहना की तथा नशे को समाप्त करने के लिए ‘‘प्रधाव’’ जैसे अभियान की सराहना की। उन्होंने प्रसन्नता व्यक्त की कि प्रदेश सरकार अपने स्तर पर नशे के खिलाफ अच्छा काम कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि केंद्र सरकार से इस संबंध में कानून में संशोधन को लेकर वह बात करेंगे।
राज्यपाल ने कहा कि आज युद्ध अस्त्र-शस्त्र से ही नहीं लड़े जाते हैं बल्कि उस देश के युवाओं को नशे का आदी बनाकर परोक्ष युद्ध लड़े जा रहे हैं। उन्होंने भारत एक युवा राष्ट्र है और हमारे कुछ पड़ोसी देश यह कार्य नशा भेजकर कर रहे हैं।  उन्होंने कहा कि हिमाचल प्रदेश की जेलों में करीब 3000 कैदी हैं जिनमें से 40 प्रतिशत से अधिक कैदियों का संबंध ड्रग के अपराध से है। उन्होंने कहा कि ऊना एक सीमांत जिला होने के चलते नशा तस्करी के लिए अति संवेदनशील है। ऐसे में यह कार्यक्रम अहम् है। उन्होंने कहा कि हरोली में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का संदेश प्रदेश और देश के दूसरों राज्यों तक पहुंचेगा।इस अवसर पर, राज्यपाल ने नशे के खिलाफ हेल्पलाइन नंबर 94180-64444 का शुभारंभ किया। उन्होंने नशे की मुहिम को आगे बढ़ता संदेश देता पोस्टर को भी जारी किया।
*नशे के कारोबार में संलिप्त व्यक्ति को कोई समर्थन नहीं: उपमुख्यमंत्री*
*नशे से जुड़े कानूनों में बदलाव लाने में सहयोग करे केंद्र सरकार: मुकेश*
उपमुख्यमंत्री श्री मुकेश अग्निहोत्री ने राज्यपाल का स्वागत करते हुए कहा कि राज्यपाल के आह्वान पर उन्होंने हरोली से इस महायज्ञ की शुरूआत की है। उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ यह एक अंतरराष्ट्रीय लड़ाई है। नशे के अवैध कारोबार में कोई भी व्यक्ति संलिप्त है वह चाहे कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो हमारा दुश्मन है। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई राजनीतिक दलों की नहीं बल्कि भावी पीढ़ी के भविष्य की सुरक्षा की है। इसके लिए हर व्यक्ति को घर-घर जागरूकता फैलाने की आवश्यकता है।श्री अग्निहोत्री ने कहा कि नशे से जुड़े कानूनों में बदलाव लाने की आवश्यकता है। इसमेें जमानत का प्रावधान नहीं होना चाहिए तथा ऐसे अवैध धंधे में संलिप्त व्यक्तियों की संपत्ति जब्त होनी चाहिए। इसके लिए केंद्र सरकार को हस्तक्षेप करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि इस संबंध में विधानसभा के माध्यम से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेजा गया है। उन्होंने कहा कि सिंथैटिक नशा आज बहुत बड़ी चुनौती बन गया है, जो दूर-दराज के गांवों तक पहुंच गया है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश से लगती सीमाओं की नशे की तस्करी रोकने के लिए हर स्तर पर कड़े कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों को संरक्षण देने वालों का भी जनता को समाज के सामने लाना चाहिए। उन्होंने कहा कि नशे के अवैध धंधे में लगे लोगों का सार्वजनिक बहिष्कार किया जाना चाहिए।  उन्होंने कहा कि हरोली से आरम्भ किए गए इस महा अभियान को और प्रभावी बनाया जाएगा। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि वे विकास के मामले में उनसे हर अपेक्षा रख सकते हैं लेकिन नशे के मामले में पकड़े जाने पर कोई सहयोग नहीं दिया जाएगा।
*नशे के खिलाफ योद्धा बने युवा: अटवाल*
कार्यवाहक पुलिस महानिदेशक श्रीमती सतवंत अटवाल त्रिवेदी ने इस अवसर पर कहा कि जनसंख्या के हिसाब से पंजाब के बाद हिमाचल नशे के प्रचलन में दूसरे स्थान पर आ गया है, जो चिंता का विषय है। उन्होंने कहा कि इस गंभीरता को ध्यान में रखकर ही प्रदेश पुलिस ने ‘प्रधाव’ नाम से एक अभियान की शुरूआत की है। इस के तहत, 160 स्कूलों के करीब 16000 विद्यार्थियों से ऑनलाइन चर्चा की गई। इसी के तहत इस वर्ष मार्च माह में राज्यपाल द्वारा ऑनलाइन प्रतिस्पर्धा का आयोजन भी किया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस विभाग विद्यार्थियों में नशा छुड़ाने और पर्यावरण बचने की मुहिम पर कार्य कर रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे नशे के खिलाफ योद्धा बने और प्रहरी बनकर कार्य करें।इस अवसर पर, उपमुख्यमंत्री के बेटी कुमारी आस्था अग्निहोत्री ने भी नशे के खिलाफ इस अभियान पर अपने विचार व्यक्त किये।इससे पूर्व, ऊना के उपयुक्त श्री राघव शर्मा ने जिला में नशे के खिलाफ किये जा रहे विभिन्न कार्यक्रमों और गतिविधियों की भी जानकारी दी।इस अवसर पर, नशे की थीम पर आधारित सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसके तहत मास्टर सलीम व अन्य कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति दी।

Disclaimer

All news on Encounter India are computer generated and provided by third party sources, so read and verify carefully. Encounter India will not be responsible for any issues.

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

- Advertisement -
Punjab Govt

Latest News

- Advertisement -
- Advertisement -