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बंगाणा में खुरवाई में फॉरेस्ट विभाग ने ट्राले में पकड़े 16 खैर के अवैध मोच्छे

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ट्राले सहित चालक अरेस्ट, प्राथमिकी दर्ज करके जांच जारी

ट्राले में आरा मशीन के साथ पांच अन्य आरा उपकरण भी जब्त

ऊना/ सुशील पंडित: उपमंडल बंगाणा में अवैध वन कटान का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। ताजा मामला बंगाणा उपमंडल के अंतर्गत आने वाले खुरवाई क्षेत्र का है, जहां फॉरेस्ट विभाग ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 16 अवैध रूप से काटे गए खैर के मोच्छों के साथ एक ट्राला जब्त किया है। इस ऑपरेशन में यशपाल पुत्र रोशन लाल को रात गश्त और नाके पर मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि तीन अन्य आरोपी फरार हो गए हैं। गुप्त सूचना के आधार पर रेंज ऑफिसर संदीप ठाकुर ने शनिवार रात गश्त के साथ नाके भी लगाए थे। और रविवार सुबह चार बजे आरोपित गाड़ी सहित फॉरेस्ट टीम की गिरफ्त में आ गया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार खुरवाई क्षेत्र में रेंज ऑफिसर संदीप ठाकुर की अगुवाई में चलाए गए गश्त और नाके के दौरान यह कार्रवाई की गई। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि प्रसिद्ध धार्मिक स्थल जोगी पंगा के साथ लगते फॉरेस्ट क्षेत्र से अवैध रूप से खैर के पेड़ काटे जा रहे हैं। फॉरेस्ट विभाग ने नाके के दौरान ट्राला पकड़ लिया, जिसमें खैर की लकड़ी लदी हुई थी। एक तरफ जहां पहाड़ी क्षेत्रों में गर्मी के चलते जंगलों में आग का खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है, वहीं दूसरी ओर वन माफिया सक्रिय रूप से खैर के पेड़ों की अवैध कटाई में लगे हुए हैं। सरकारी भूमि और आरक्षित वन क्षेत्रों में हो रहे इस अवैध कटान ने फॉरेस्ट विभाग की चिंता और भी बढ़ा दी है। इस बार कटान का स्थान भी विशेष रूप से संवेदनशील माना जा रहा है, क्योंकि यह धार्मिक आस्था से जुड़ा स्थल जोगी पंगा के पास स्थित है। फॉरेस्ट विभाग पहले से ही कर्मचारियों की भारी कमी से जूझ रहा है। पूरे जिला ऊना में फील्ड स्टाफ की संख्या जरूरत से काफी कम है, जिससे गश्त और निगरानी कार्यों में बाधा आ रही है। वन रक्षक सीमित संसाधनों के साथ रात-दिन चौकसी कर रहे हैं, लेकिन वन माफिया की तादाद और चालाकी के आगे विभाग की क्षमता अक्सर कम पड़ जाती है।

इस घटना की जानकारी मिलते ही डीएफओ ऊना सुशील राणा स्वयं मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने कहा कि अवैध वन कटान किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। बन काटूओं को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा। हमारी टीमें लगातार निगरानी कर रही हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्यवाही की जाएगी। डीएफओ सुशील राणा ने कहा कि अवैध कटान को लेकर प्राथमिक जांच में यह सामने आया है कि पकड़ी गई लकड़ी अवैध रूप से आरक्षित वन क्षेत्र से काटी गई थी। संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की संयुक्त टीम जुट गई है। उन्होंने कहा कि जिला ऊना में पिछले कुछ वर्षों में अवैध खैर कटान के मामलों में तेज़ी आई है। विभागीय आंकड़ों के अनुसार, अब तक करीब डेढ़ सौ से अधिक गाड़ियां अवैध लकड़ी और खैर के साथ पकड़ी जा चुकी हैं। यह आंकड़ा स्पष्ट संकेत देता है कि किस प्रकार से यह अवैध कारोबार एक संगठित नेटवर्क के रूप में फल-फूल रहा है।

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