इसके अलावा यदि किसी स्थान पर मधुमक्खी / ततैया / रंगड़ का छत्ता बनाता हुआ या बना हुआ पाया जाए तो विद्यालय प्रशासन द्वारा स्थानीय निकाय की सहायता लेकर सुरक्षित तरीके से हटवाया जाए। इस बारे में विद्यार्थियों को भी समय-समय पर जागरूक किया जाए कि वे मधुमक्खियों/ ततैया के छत्तों के पास न जाएं, पत्थर न मारें और किसी भी प्रकार की छेड़छाड़ न करें।विद्यार्थियों की सुरक्षा के दृष्टिगत ऐसे स्थानों को अस्थायी रूप से प्रतिबंधित किया जाए जहाँ खतरे की संभावना हो। उन्होंने सभी उपरोक्त सावधानियों का गंभीरतापूर्वक पालन करते हुए आवश्यक निवारक एवं सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने को कहा ताकि विद्यार्थियों एवं आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।