ऊना/सुशील पंडित: राजधानी नई दिल्ली और जिला ऊना के बीच प्रतिदिन चलने वाली 12057/58 जन शताब्दी एक्सप्रेस यात्रियों के बीच व्यापक असंतोष का विषय बन चुकी है। इस प्रतिष्ठित जन शताब्दी एक्सप्रेस के डिब्बे अत्यंत गंदे पाए जा रहे हैं। कोचों के फर्श, सीटें तथा विशेष रूप से खिड़कियों पर मोटी परत की धूल जमी हुई है, जिससे यात्रा के दौरान दृश्यता प्रभावित हो रही है तथा सफाई का अभाव साफ दिखाई दे रहा है।
यह ट्रेन, जो नई दिल्ली से चंडीगढ़, मोहाली, रूपनगर, ऊना होते हुए दौलतपुर चौक तक चलती है, प्रतिदिन सैकड़ों यात्रियों को सेवा प्रदान करती है। जन शताब्दी होने के नाते यह ट्रेन अपेक्षाकृत बेहतर श्रेणी की मानी जाती है, लेकिन कोचों की सफाई एवं रखरखाव में लापरवाही यात्रियों के साथ अन्याय के समान है। धूल से भरी खिड़कियां न केवल यात्रा के आनंद को कम करती हैं, बल्कि स्वास्थ्य के लिहाज से भी चिंता का विषय हैं, खासकर एलर्जी एवं श्वसन संबंधी समस्याओं वाले यात्रियों के लिए।
कई यात्रियों ने सोशल मीडिया एवं अन्य माध्यमों से इस समस्या को उजागर किया है तथा भारतीय रेलवे से तत्काल सफाई अभियान एवं नियमित रखरखाव की मांग की है। यात्रियों की अपेक्षा है कि रेलवे प्रशासन इस महत्वपूर्ण जन शताब्दी एक्सप्रेस के कोचों की सफाई को प्राथमिकता दें, ताकि यात्रा सुरक्षित, स्वच्छ एवं आरामदायक बनी रहे।