बेगूसराय: इस वक्त बिहार के बेगूसराय जिले से बड़ी खबर सामने आ रही है जो ना सिर्फ सरकारी तंत्र पर भ्रष्टाचार का मुहर लगा रही है बल्कि आम लोगों की परेशानी के बारे में भी बता रही है। दरअसल शाहेबपुर कमाल प्रखंड के विष्णुपुर आहोक के समीप गंडक नदी पर बना पुल आज सुबह एकाएक टूटकर नदी में विलीन हो गया। गौरतलब है कि विष्णुपुर आहोक एवं साहेबपुर कमाल को जोड़ने वाली यह अकेला पुल था। साथ ही साथ इस पूल के सहारे बेगूसराय जिले के बखरी, गढ़पुरा एवं मुंगेर जिले के कुछ इलाकों के साथ-साथ खगरिया जिला के लोग भी आवागमन करते थे। अब यहां के आम लोग एक बार फिर नाव के सहारे आर पार करने को विवश हो रहे हैं।
जानकारी के अनुसार पिछले 2 महीनों से इस पुल में दरार आनी शुरू हुई थी। लेकिन लोगों का परिचालन अनवरत जारी था और आज सुबह एकाएक यह पुल बीच से टूटकर नदी में विलीन हो गया। राहत की खबर यह है कि उस वक्त पुल पर कोई बड़ी गाड़ी या लोग मौजूद नहीं थे नहीं तो बड़ा नुकसान हो सकता था। अब यहां यह सवाल उठता है कि 14 करोड़ की लागत से बना यह पुल 14 महीने तक भी लोगों को सुविधा नहीं मिल पाई जो कहीं ना कहीं पुल की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर रही है। लोगों के माने तो उक्त पुल के निर्माण में लगी कंस्ट्रक्शन कंपनी और स्थानीय जनप्रतिनिधियों के घालमेल की वजह से इसके निर्माण में गुणवत्ता की अनदेखी की गई।
लोगों का कहना है कि पुल में कम से कम 32 एमएम के छड़ का प्रयोग होता है लेकिन इस पुल के निर्माण में मात्र 8 एमएम के सरिया का प्रयोग किया गया था। साथ ही साथ सीमेंट के प्रयोग में भी लापरवाही बरती गई थी। फिलहाल पुल गिरने की वजह जो भी हो लेकिन अब स्थानीय लोगों के लिए यह एक बड़ा परेशानी का सबब बन चुका है और लोग एक बार फिर नाव के सहारे गंडक आर पार करने को विवश है।
