इंफाल: मणिपुर में बिष्णुपुर जिले के मोइरांग ट्रोंगलाओबी गांव में कुकी उग्रवादियों ने एक घर पर बम से हमला कर दिया। इस घटना में 2 बच्चों की मौत हो गई, जबकि उनकी मां गंभीर रूप से घायल हो गईं और उनका इलाज जारी है। मिली जानकारी के अनुसार उग्रवादियों ने देर रात करीब 1 बजे बम फेंके। घटना के दौरान पीड़ित परिवार सो रहा था। ये इलाका पहाड़ी और घाटी क्षेत्रों की सीमा पर स्थित संवेदनशील इलाका माना जाता है। इस घटना के बाद से एक बार फिर से माहौल तनावपूर्ण हो गया। जिसके बाद बिष्णुपुर और आसपास के इलाकों में एक बार तनाव बढ़ गया।
मंगलवार सुबह घटना के बाद गुस्साए लोगों ने सड़क जाम कर दिया और चुराचांदपुर जा रहे 3 ट्रकों में आग लगा दी। बताया जा रहा है कि ये गाड़ियां चुराचांदपुर जिले की ओर जा रही थीं। सुरक्षा बलों ने इलाके में कॉम्बिंग शुरू कर दी है। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू लगा दिया है, जबकि अफवाहों पर रोक लगाने और हालात सामान्य करने के लिए 5 घाटी जिलों में तीन दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। प्रदर्शनकारियों ने मोइरांग पुलिस स्टेशन के बाहर जमा होकर प्रशासन से तुरंत कार्रवाई और जवाबदेही की मांग की। हालात तब और बिगड़ गए, जब एक बड़ी भीड़ ने बिष्णुपुर और चुराचांदपुर की सीमा के पास पी. जेलमोल की पहाड़ियों के नजदीक स्थित सीआरपीएफ कैंप पर धावा बोल दिया।
स्थिति को कंट्रोल करने के लिए सुरक्षा बलों को गोलीबारी और स्मोक बम का इस्तेमाल करना पड़ा. इस दौरान कम से कम 19 लोग घायल हो गए, जिन्हें पास के अस्पतालों में भर्ती कराया गया। घटनास्थल पर एक व्यक्ति की मौत की भी खबर है। हिंसा की कवरेज कर रहे पत्रकारों को भी हालात बिगड़ने पर पास की नहर में छिपना पड़ा। बढ़ते तनाव को देखते हुए प्रशासन ने बिष्णुपुर जिले में कर्फ्यू लगा दिया है, जबकि अफवाहों पर रोक लगाने और हालात सामान्य करने के लिए पांच घाटी जिलों में 3 दिन के लिए इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। पूरे क्षेत्र में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त बल तैनात किए गए हैं। अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की है, वहीं धमाके और हिंसा की जांच जारी है।